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'हीरे-सोने की खदानें बाहरी कंपनियों को': अमित जोगी बोले- 3 दिन में टेंडर वापस लें, नहीं तो करेंगे बड़ा आंदोलन

Tue, 25 Jul 2023 10:33 PM IST
ललित कुमार सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर

सार

जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जोगी के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने आज सागौन बंगला सिविल लाइन रायपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य सरकार पर जमकर बरसे। हीरा और सोना की खदानों का ठेका विदेशी और बाहरी कंपनी को दिए जाने पर ऐतराज जताया है।
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प्रेस कॉन्फ्रेंस लेते अमित जोगी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जोगी के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने आज सागौन बंगला सिविल लाइन रायपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य सरकार पर जमकर बरसे। हीरा और सोना की खदानों का ठेका विदेशी और बाहरी कंपनी को दिए जाने पर ऐतराज जताया है। उन्होंने 3000 हेक्टेयर में फैले बसना हीरा खदान महासमुंद और कांकेर में दो सोना खदानों के लिए 6 जुलाई को निकाले गए ई-टेंडर को गलत बताते हुए इसका विरोध किया है।  

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उन्होंने सरकार को चेतावनी दी है कि तीन दिन के अंदर विदेशी और बाहरी कंपनियों को दिए डेंडर वापस लें, नहीं तो जोगी कांग्रेस इसके विरोध में उग्र प्रदर्शन करेगी। कहा कि, पूर्व में अविभाजित मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने छत्तीसगढ़ प्रदेश की धन संपदा (हीरा और सोना खदानों) को बाहरी हाथों में देने का फैसला लिया था जिसका उस समय  स्व. अजीत जोगी जी ने कांग्रेस पार्टी में रहते हुए पुरजोर विरोध किया था। छत्तीसगढ़ के पृथक राज्य बनने के बाद वर्ष 2001 में छत्तीसगढ़ के तत्कालीन मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने इस पूरे करार को रद्द कर दिया था। तब से लेकर कुछ दिनों पहले तक यह विषय न्यायालय में विचाराधीन था, लेकिन राज्य को लूटने की जल्दबाजी में वर्तमान राज्य सरकार ने एड़ी चोटी का जोर लगाकर ये टेंडर निकाला है। 

'सरकार को आखिर इतनी हड़बड़ाहट और जल्दबाजी क्यों?'
अमित जोगी ने कहा कि पिछले साढ़े चार सालों में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनकी सरकार ने छत्तीसगढ़ को लूटने में कोई कसर नहीं छोड़ी है और अब अपने कार्यकाल के अंतिम 3 महीनों में भी यह सरकार छत्तीसगढ़ का हीरा और सोना भी लूट कर ले जाना चाहती है। आखिर इतनी हड़बड़ाहट और जल्दबाजी क्यों हैं? उन्होंने कहा कि कुछ दिनों पहले विधानसभा में अवैध खनन पर CAG की आई रिपोर्ट में ये साफ हो चुका है कि किस प्रकार प्रदेश के संसाधन लुटाए जा रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य में अवैध खनन गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए निर्धारित उपायों का पालन नहीं किया गया है। खदान पट्टों के व्यापक डेटाबेस का अभाव होने के साथ खदान पट्टा क्षेत्र के सीमांकन को इंगित करने के लिए सीमा स्तंभ/ सीमा चिह्न भी गायब हैं। इस वजह से स्वीकृत पट्टा क्षेत्रों से इतर की खनन गतिविधियों की पहचान नहीं हो पाई। खनिजों के अवैध परिवहन को रोकने के लिए स्थापित चेक पोस्टों की संख्या अपर्याप्त पाई गई है और स्थापित चेक पोस्ट भी वेटब्रिज (तौल कांटे) की सुविधा से लैस नहीं हैं। 
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अमित जोगी ने कहा क्या ये सब BST के लिए किया जा रहा है? साथ ही यह भी देखा गया कि Environmental Clearance (ईसी) और खदान योजनाओं की शर्तों के अनुसार पट्टा क्षेत्र के आसपास (40 मामलों में) कोई वृक्षारोपण नहीं किया गया है। District Mineral Foundation Trusts (DMFTS) में भी भारी अनियमितता पाई गई है।
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 'पहले हम लड़े थे राज्य बनाने के लिए, अब लड़ेंगे बचाने के लिए'
अमित जोगी ने कहा कि सरकार निजी क्षेत्र की कंपनी को छत्तीसगढ़ की धरती का दोहन करने का लाइसेंस देने और टेंडर को तत्काल रद्द  करें। ऐसा नहीं करने पर जोगी कांग्रेस बड़ा आंदोलन करेगी। जेसीसी-जे किसी भी कीमत पर छत्तीसगढ़ का हीरा और सोना बाहरी व्यक्तियों को बाहर नहीं ले जाने देगी। उन्होंने कहा कि पहले हम लड़े थे राज्य बनाने के लिए, अब लड़ेंगे राज्य बचाने के लिए।

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