हौसले और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ निकले आगरा निवासी वासु राइडर अपनी देशव्यापी साइकिल यात्रा के तहत बलरामपुर पहुंचे। 55 प्रतिशत दिव्यांगता के बावजूद वे अब तक करीब 16 हजार किलोमीटर का सफर तय कर चुके हैं। उनकी इस पहल के लिए कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी और पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर ने उन्हें प्रशंसा पत्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
तिरंगा लेकर शुरू किया सफर, कई राज्यों तक पहुंचा संदेश
वासु राइडर ने 2 जून 2025 को हाथों में तिरंगा लेकर अपनी यात्रा शुरू की थी। प्रदूषण रोको, पृथ्वी बचाओ के संदेश के साथ निकले वासु अब तक उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों के अलावा राजस्थान, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, उत्तराखंड और मध्यप्रदेश में जागरूकता अभियान चला चुके हैं। उनकी यात्रा पड़ोसी देश नेपाल तक भी पहुंची है।
युवाओं को साइकिल चलाने और नशे से दूर रहने की अपील
यात्रा के दौरान वासु राइडर प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों से मुलाकात कर पर्यावरण संरक्षण, पौधारोपण और नशामुक्ति के प्रति जागरूक कर रहे हैं। वे युवाओं से छोटी दूरी के लिए मोटर वाहनों के बजाय साइकिल चलाने या पैदल जाने की आदत अपनाने की अपील करते हैं। उनका अभियान लोगों को दैनिक जीवन में पर्यावरण के अनुकूल विकल्प अपनाने और नशे से दूर रहकर स्वस्थ व सकारात्मक समाज के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित कर रहा है।
कलेक्टर और एसपी ने किया सम्मानित
बलरामपुर में कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने वासु राइडर के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनका साहस और समर्पण यह संदेश देता है कि दृढ़ इच्छाशक्ति से कठिन चुनौतियों का सामना किया जा सकता है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और नशामुक्ति के लिए वासु के अभियान को समाज, खासकर युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर सहित अन्य अधिकारियों ने भी वासु राइडर के प्रयासों की प्रशंसा की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
वर्ष 2028 तक यात्रा पूरी करने का लक्ष्य
वासु राइडर अपनी इस जागरूकता यात्रा को निर्धारित लक्ष्य के अनुसार आगे बढ़ा रहे हैं। उनकी देशव्यापी साइकिल यात्रा वर्ष 2028 में पूरी होने की संभावना है। 55 प्रतिशत दिव्यांगता के बावजूद हजारों किलोमीटर का सफर तय कर रहे वासु का अभियान पर्यावरण और सामाजिक जागरूकता के संदेश को विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंचा रहा है।