दिल्ली में अच्छी नौकरी और मोटी तनख्वाह दिलाने का झांसा देकर नाबालिग छात्रा समेत दो युवतियों को दूसरे राज्य ले जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सरगुजा जिले के सीतापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत केरजू क्षेत्र से लापता हुई दोनों युवतियों को उनके परिजनों ने रायगढ़ जिले में दो युवकों के साथ पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि आरोपी दोनों को ट्रेन के जरिए दिल्ली ले जाने की तैयारी में थे। समय रहते परिजनों के पहुंच जाने से दोनों युवतियों को उनके चंगुल से छुड़ा लिया गया। मामले में पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, ग्राम ढोढ़ागांव निवासी 16 वर्षीय कक्षा दसवीं की छात्रा और ग्राम सरगा निवासी 19 वर्षीय अंतरा एक्का 16 अगस्त को अपने-अपने घरों से लापता हो गई थीं। परिजनों ने आसपास और रिश्तेदारों के यहां तलाश की, लेकिन दोनों का सुराग नहीं मिला। इसी दौरान उनके रायगढ़ जिले के कापू क्षेत्र में होने की जानकारी मिली। दोनों युवतियों की तलाश में परिजन 18 अगस्त को रायगढ़ जिले के ग्राम केराकछार पहुंचे। वहां दोनों युवतियां दो युवकों के साथ मिल गईं। परिजनों को पता चला कि आरोपी उसी दिन उन्हें ट्रेन से दिल्ली ले जाने की तैयारी में थे। इसके बाद परिजन दोनों को अपने साथ लेकर केरजू पुलिस चौकी पहुंचे और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई।
पूछताछ में युवतियों ने पुलिस को बताया कि सिहारजोर निवासी विद्याभूषण लकड़ा और कापू क्षेत्र के कमोसिनडांड निवासी देवलाल तिग्गा ने उन्हें दिल्ली में अच्छी नौकरी और बेहतर वेतन दिलाने का भरोसा दिया था। आरोप है कि दोनों युवकों के झांसे में आकर युवतियां बिना परिजनों को बताए घर से निकल गई थीं। पुलिस के मुताबिक दोनों युवकों ने युवतियों को अपने घर पर रखा और बाद में दिल्ली ले जाने की तैयारी कर रहे थे।
नाबालिग छात्रा के पिता की शिकायत पर केरजू पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज किया है। पुलिस ने धारा 137(2), 143(1)(क) और 3(5) के तहत प्रकरण दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है। केरजू पुलिस चौकी प्रभारी राजेश्वर महंत ने बताया कि दोनों आरोपियों को रायगढ़ जिले से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस इस पूरे मामले में युवतियों को दिल्ली ले जाने के पीछे आरोपियों की मंशा और अन्य संभावित पहलुओं की भी जांच कर रही है।