निर्माण स्थापनाओं का पंजीयन अनिवार्य
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सूरजपुर जिले में श्रमिकों के हित, सुरक्षा एवं उनके जीवन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से श्रम विभाग के अधीन संचालित भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अंतर्गत आने वाली समस्त स्थापनाओं का पंजीयन अनिवार्य कर दिया गया है। वहीं अब समय-सीमा के भीतर पंजीयन नहीं कराने वाले ठेकेदारों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई करते हुए अर्थदंड लगाए जाने की तैयारी में श्रम विभाग जुट गया है, जिससे ठेकेदारों में हड़कंप मच गया है।
श्रम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, किसी भी स्थापना के प्रारंभ होने अर्थात निर्माण कार्य हेतु अनुबंधित प्रत्येक ठेकेदार को स्थापना की श्रेणी में आने के कारण अधिनियम की धारा 07 के प्रावधानों के अनुरूप निर्माण कार्य प्रारंभ होने की तिथि से 60 दिवस के भीतर अपनी स्थापना का पंजीयन कराना अनिवार्य है। पंजीयन की प्रक्रिया श्रम विभाग की वेबसाइट
shramevjayate.cg.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन के माध्यम से की जाएगी।
निर्धारित समयावधि में स्थापनाओं का पंजीयन नहीं कराए जाने की स्थिति में प्रमुख नियोजक अथवा नियोक्ता के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में अधिनियम की धारा 50 के अंतर्गत अधिनियम का पालन नहीं करने पर अर्थदंड अधिरोपित किए जाने का प्रावधान है। साथ ही, उक्त निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों के नियोजन को भी बाधित किया जा सकता है।
अधिनियम का प्रभावी पालन सुनिश्चित किए जाने हेतु जिले के समस्त शासकीय, अशासकीय, व्यक्तिगत एवं निजी निर्माण कार्यों के नियोजकों से अपील की गई है कि वे अपनी स्थापनाओं का पंजीयन अनिवार्य रूप से निर्धारित समय-सीमा के भीतर कराना सुनिश्चित करें। वहीं इस संबंध में किसी भी प्रकार की सहायता अथवा विस्तृत जानकारी के लिए श्रम पदाधिकारी कार्यालय, जिला सूरजपुर से संपर्क किया जा सकता है।