अंबिकापुर। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने जिन 665 एकड़ जमीनों को अपने पूर्वजों का बताते हुए अपने नाम करने के लिए जिला एवं सत्र न्यायालय में वाद दायर किया है, उनका रिकार्ड ही जिला प्रशासन को नहीं मिल रहा है। इन जमीनों के रिकार्ड कहां गए, यह कोई नहीं बता पा रहा है। मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने कलेक्टर सरगुजा को नोटिस भेजकर एक माह में जवाब मांगा है। जमीनों का रिकार्ड नहीं मिलने पर कलेक्टर ने एसडीएम अंबिकापुर एवं डिप्टी कलेक्टर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
मामले में प्रथम न्यायाधीश वर्ग तीन अंबिकापुर ने सीलिंग के रिकार्ड मंगाए तो रिकार्ड की खोजबीन की गई। उक्त जमीनों के रिकार्ड कलेक्टोरेट के रिकार्ड रूम से गायब मिले। जमीनों का सीलिंग प्रकरण उपलब्ध नहीं कराने पर न्यायालय ने कलेक्टर सरगुजा पर एक हजार रुपये का अर्थदंड लगाते हुए पुनः दस्तावेज पेश करने के लिए अंतिम अवसर प्रदान किया है। इसके लिए पांच जनवरी 2023 की तिथि तय की गई थी। इसके बाद भी कलेक्टर सरगुजा की ओर से अंबिकापुर एसडीएम जमीनों का रिकार्ड पेश नहीं कर सके।
न्यायालय में लंबित प्रकरण क्रमांक 175/अ/2015 में सीलिंग प्रकरण पेश नहीं करने को लेकर कलेक्टर ने डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी राजस्व अभिलेख प्रकोष्ठ बीआर खांडे एवं अंबिकापुर एसडीएम डीएस उइके को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है कि न्यायालय के निर्देश के बाद भी दस्तावेज पेश नहीं करने पर क्यों न अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। कलेक्टर ने 29 मार्च 2023 को दोनों अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने कहा है।
मामले में जिला न्यायालय में इंटरवेनर के रूप में भाजपा नेता आलोक दुबे ने वाद के खिलाफ अपील की है। भाजपा नेता आलोक दुबे ने मंत्री टीएस सिंहदेव के दावे पर सवाल उठाते हुए कहा है कि किस कानून एवं अधिकार के तहत टीएस सिंहदेव उक्त भूमि को अपने नाम कराना चहते हैं। सीलिंग एक्ट के तहत किसी भी निजी व्यक्ति को 27 एकड़ से अधिक भूमि रखने का अधिकार नहीं है। फिर वे 652 एकड़ भूमि को अपन नाम करने का दावा कैसे कर सकते हैं।