फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सामूहिक विवाह योजना में अनियमितता: सरगुजा में प्रोत्साहन राशि के लिए दोबारा कराया विवाह, जांच पर उठे सवाल

Mon, 09 Mar 2026 08:36 PM IST
Rahul Kumar Tiwari अमर उजाला नेटवर्क, सरगुजा

सार

सरगुजा के लखनपुर में मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना के तहत प्रोत्साहन राशि के लिए एक दंपति का दोबारा विवाह कराने का मामला सामने आया है। विभाग ने जांच के निर्देश दिए हैं, लेकिन उसी स्तर पर जांच होने से निष्पक्ष कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
 
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Adobe Stock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड में मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना के तहत सामने आए कथित अनियमितता के मामले में जांच प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि प्रोत्साहन राशि के लिए एक दंपति का दोबारा विवाह करा दिया गया। मामला सामने आने के बाद विभाग ने जांच के निर्देश तो दिए हैं, लेकिन कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।

विज्ञापन


जानकारी के अनुसार, इस मामले में जिला परियोजना अधिकारी जे.आर. प्रधान ने लखनपुर के बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) को जांच के निर्देश दिए हैं। हालांकि जिस कार्यालय से विवाह के लिए अंतिम सूची जिला कार्यालय को भेजी गई थी, उसी स्तर पर जांच कराए जाने से निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

सूत्रों के मुताबिक, लखनपुर परियोजना कार्यालय की ओर से संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सेक्टर सुपरवाइजर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मामले को दबाने और संबंधित कर्मचारियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल कार्रवाई के नाम पर केवल नोटिस जारी कर औपचारिकता पूरी की गई है।
विज्ञापन


इधर संबंधित आंगनबाड़ी केंद्र की कार्यकर्ता पिछले एक सप्ताह से केंद्र में उपस्थित नहीं हो रही हैं। ऐसे में सहायिका द्वारा किराए के मकान में केंद्र का संचालन किया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस कारण गर्भवती महिलाओं, शिशुवती माताओं और बच्चों को पूरक पोषण आहार तथा गर्म भोजन नियमित रूप से नहीं मिल पा रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना के अंतर्गत आवेदन प्राप्त होने के बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सेक्टर सुपरवाइजर और सीडीपीओ द्वारा जांच कर अंतिम सूची जिला कार्यालय भेजी जाती है। ऐसे में उसी स्तर पर जांच कराए जाने से पूरे मामले में निष्पक्ष कार्रवाई को लेकर संदेह जताया जा रहा है। इस संबंध में जिला परियोजना अधिकारी जे.आर. प्रधान ने बताया कि सीडीपीओ को मामले की जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आवश्यकतानुसार निलंबन सहित आगे की कार्रवाई की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें