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Ambikapur Protest: 'छात्रों का लोकतांत्रिक अधिकार छीना', NSUI ने संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय का किया घेराव

Tue, 07 Apr 2026 12:22 AM IST
अंबिकापुर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, अंबिकापुर

सार

सरगुजा, सूरजपुर और मनेन्द्रगढ़ जिला एनएसयूआई संगठनों ने संयुक्त रूप से सोमवार को संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय का करीब दो घंटे तक घेराव किया। छात्र नेताओं कहा कि पिछले आठ वर्षों से छात्रसंघ चुनाव नहीं कराए जाने से छात्रों का लोकतांत्रिक अधिकार छीना जा रहा है। 
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विश्वविद्यालय में प्रदर्शन करते हुए एनएसयूआई
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विस्तार
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छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग को लेकर सोमवार को एनएसयूआई के सरगुजा, सूरजपुर और मनेन्द्रगढ़ जिला संगठनों ने संयुक्त रूप से संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय का घेराव कर कुलपति को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र एवं एनएसयूआई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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जानकारी के अनुसार, एनएसयूआई के जिला अध्यक्षों एवं विश्वविद्यालय अध्यक्ष के संयुक्त नेतृत्व में विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर करीब दो घंटे तक घेराव किया गया। संगठन का कहना है कि छत्तीसगढ़ के महाविद्यालयों में पिछले आठ वर्षों से छात्रसंघ चुनाव नहीं कराए जा रहे हैं, जिससे छात्रों का लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व प्रभावित हो रहा है।

एनएसयूआई द्वारा जारी संयुक्त बयान में सरगुजा जिला अध्यक्ष आशीष जायसवाल, सूरजपुर जिला अध्यक्ष आकाश साहू, मनेन्द्रगढ़ जिला अध्यक्ष मो. कासिम तथा संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय अध्यक्ष सुरेंद्र गुप्ता ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव नहीं कराकर सरकार छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों को समाप्त कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रसंघ चुनाव के माध्यम से चुने गए प्रतिनिधि छात्रों की समस्याओं और मांगों को शासन-प्रशासन तक पहुंचाते थे, लेकिन चुनाव बंद होने से छात्रों की आवाज दब रही है।
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एनएसयूआई पदाधिकारियों ने बताया कि छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर संगठन पूरे प्रदेश में चरणबद्ध आंदोलन चला रहा है। 25 मार्च को प्रेसवार्ता के बाद 30 मार्च को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया था। मांग पूरी नहीं होने पर 6 अप्रैल को प्रदेशभर की तरह अंबिकापुर में भी विश्वविद्यालय का घेराव किया गया।

उन्होंने यह भी कहा कि आंदोलन के आगामी चरण में प्रदेश की राजधानी में घेराव, धरना और प्रदर्शन किया जाएगा। घेराव के बाद विश्वविद्यालय के कुलपति को ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान कुलपति ने मामले में उचित औपचारिक पहल करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त किया गया।
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