छत्तीसगढ़ सूरजपुर जिला न्यायालय की फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश आनंद प्रकाश ने छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित सूरजपुर दोहरा हत्याकांड मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने मामले में दोषी पाए गए चार आरोपियों में से तीन को फांसी की सजा और एक आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश ने प्रकरण की पूरी सुनवाई समाप्त होने के बाद सजा का एलान किया। अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय में पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने चारों आरोपियों को दोषी ठहराया।
दोषियों की सजा का विवरण
फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश आनंद प्रकाश ने इस दोहरे हत्याकांड में दोषी ठहराए गए आदतन बदमाश कुलदीप साहू, पूर्व एनएसयूआई जिलाध्यक्ष चंद्रकांत चौधरी उर्फ सीके चौधरी और रिंकू उर्फ फूल सिंह को फांसी की सजा सुनाई है। इसके साथ ही चौथे दोषी आर्यन उर्फ गोल्डी को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोहरे हत्याकांड जैसे गंभीर मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट का यह फैसला आने के बाद अब आगे की कानूनी प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी। अभियोजन पक्ष ने अदालत में पर्याप्त साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए, जिनके आधार पर अदालत ने चारों आरोपियों का अपराध सिद्ध माना।
दोहरे हत्याकांड का घटनाक्रम
यह सनसनीखेज मामला 13 अक्तूबर, 2024 की रात का है। उस समय सूरजपुर कोतवाली पुलिस थाने में पदस्थ तत्कालीन प्रधान आरक्षक की पत्नी और उनकी बेटी की आरोपियों ने हत्या कर दी थी। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। पुलिस ने घटना के बाद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करके जांच शुरू की थी। जांच अधिकारियों ने साक्ष्य एकत्र करके अदालत में पेश किए, जिसके बाद कई आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में मुकदमा चला।
छह आरोपियों पर चला मुकदमा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस मामले में शुरुआत में कुल छह आरोपियों के खिलाफ अदालत में मुकदमा चल रहा था। इन आरोपियों में आदतन बदमाश कुलदीप साहू और पूर्व एनएसयूआई जिलाध्यक्ष सीके चौधरी समेत अन्य आरोपी शामिल थे। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दो आरोपियों को पूर्व में ही बरी कर दिया था। वहीं शेष चार आरोपियों के खिलाफ सुनवाई पूरी होने के बाद अब फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सजा का एलान किया है।