सरगुजा जिला में मानव अधिकार संगठन का सदस्य बनकर ग्रामीणों को डराने-धमकाने और अवैध वसूली करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 5 हजार रुपये नकद और वारदात में इस्तेमाल की गई एक इनोवा कार जब्त की है। यह कार्रवाई डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश कुमार अग्रवाल के निर्देशन में की गई। सीतापुर थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई कर आरोपियों को हिरासत में लिया।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार ग्राम नकना निवासी सुरेन्द्र कुमार ने 21 अप्रैल को थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि दोपहर करीब 12:30 बजे छह लोग उनके घर पहुंचे और खुद को मानव अधिकार संगठन का सदस्य बताते हुए जबरन घर में घुस गए। आरोपियों ने घर में शराब बनाने का आरोप लगाते हुए 20 हजार रुपये की मांग की और केस में फंसाने की धमकी दी। डर के कारण पीड़ित ने उन्हें 4 हजार रुपये दे दिए।
इसके बाद आरोपी गांव के दूसरे पारा में रहने वाली बिंदू महंत के घर पहुंचे और वहां भी बिना अनुमति घर में प्रवेश कर तलाशी ली। इलाज के लिए रखी दवाइयों को देखकर क्लीनिक चलाने का आरोप लगाया और 1 लाख रुपये की मांग की। डराकर वहां से भी 1 हजार रुपये वसूल कर लिए।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस टीम ने आरोपियों की पहचान कर छह लोगों को गिरफ्तार किया।पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे पहले भी बतौली और लुंड्रा क्षेत्र सहित अन्य स्थानों पर इसी तरह लोगों को डरा-धमकाकर वसूली कर चुके हैं। गिरफ्तार आरोपियों में श्यामलाल सारथी, रामाकांत मिंज, अनुज भगत, आकाश केरकेट्टा, अबित खेस और एक महिला आरोपी शामिल हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर दिया है, जबकि गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश जारी है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी उप निरीक्षक अखिलेश सिंह सहित पुलिस टीम के अन्य अधिकारी और जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।