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कांग्रेस का 'गांव पहुंच अभियान': सरगुजा दौरे पर दीपक बैज का सरकार पर तीखा हमला, गैस संकट पर उठाए सवाल

Tue, 24 Mar 2026 06:04 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, अंबिकापुर

सार

अंबिकापुर में छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष दीपक बैज ने साय सरकार पर निशाना साधते हुए 15 हिरणों की मौत को लापरवाही बताया और वन मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेने की मांग की। उन्होंने “गांव पहुंच अभियान” के तहत 14 दिनों के सरगुजा दौरे की जानकारी भी दी।
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छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष दीपक बैज - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष दीपक बैज अपने सरगुजा प्रवास के दौरान संगठनात्मक गतिविधियों के साथ-साथ विभिन्न मुद्दों पर राज्य सरकार को घेरते नजर आए। सर्किट हाउस में मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि 'गांव पहुंच अभियान' के जरिए पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत किया जा रहा है।

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उन्होंने बताया कि प्रदेश में करीब 27 हजार बूथ कमेटियां और 15 हजार से अधिक पंचायत एवं वार्ड कमेटियों का गठन किया जाएगा। इसके लिए सभी जिलाध्यक्षों को दिशा-निर्देश दिए गए हैं और वरिष्ठ नेताओं से गांवों में जाकर कार्यकर्ताओं की सहमति से कमेटियां बनाने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि इस अभियान की शुरुआत बस्तर से की गई है और वे लगातार 14 दिनों तक सरगुजा संभाग के दौरे पर रहेंगे। अब तक वे 30 से अधिक बूथों और 15 पंचायतों में जाकर कमेटियों का गठन कर चुके हैं।

इस दौरान उन्होंने अंबिकापुर के संजय पार्क में 15 हिरणों की मौत को गंभीर लापरवाही करार देते हुए इसे “बीमार सिस्टम” का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि रेस्क्यू सेंटर में वन्यजीवों की सुरक्षा प्रशासन की जिम्मेदारी होती है, लेकिन यहां व्यवस्था पूरी तरह विफल रही। उन्होंने केवल एक अधिकारी पर कार्रवाई को अपर्याप्त बताते हुए वन मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेने और पूरे प्रदेश के पार्कों व चिड़ियाघरों की समीक्षा कराने की मांग की।
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प्रदेश में अवैध नशे के कारोबार को लेकर भी उन्होंने सरकार पर तीखा हमला बोला। बैज ने आरोप लगाया कि राज्य में अफीम की खेती को संरक्षण मिल रहा है। दुर्ग, रायगढ़, बलरामपुर और लैलूंगा क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इन गतिविधियों में सत्तारूढ़ दल के लोगों की संलिप्तता सामने आ रही है। साथ ही नकली शराब, अवैध होलोग्राम और गांजा तस्करी के मामलों को लेकर भी उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

रसोई गैस की किल्लत को लेकर उन्होंने कहा कि सरकार भले ही पर्याप्त स्टॉक का दावा कर रही हो, लेकिन जमीनी स्तर पर लोग घंटों लाइन में लगने को मजबूर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कालाबाजारी बढ़ रही है और आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

इसके अलावा उन्होंने बेदखली की कार्रवाई पर भी आपत्ति जताई। दौरे के दौरान मिले प्रभावित परिवारों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पहले गरीबों को बसाया गया और अब उन्हें नोटिस देकर घर तोड़े जा रहे हैं। उन्होंने इसे पक्षपातपूर्ण कार्रवाई बताते हुए कहा कि यदि सरकारी जमीन खाली करानी है, तो प्रभावितों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।

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