सरगुजा जिला स्थित माँ महामाया एयरपोर्ट, दरिमा में लंबे समय से ठप पड़ी विमानन सेवाओं को पुनः प्रारंभ कराने की मांग को लेकर जिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के संयुक्त प्रतिनिधि मंडल ने गुरुवार को एयरपोर्ट परिसर में विरोध प्रदर्शन किया।
सरगुजा जिला स्थित माँ महामाया एयरपोर्ट, दरिमा में लंबे समय से ठप पड़ी विमानन सेवाओं को पुनः प्रारंभ कराने की मांग को लेकर जिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के संयुक्त प्रतिनिधि मंडल ने गुरुवार को एयरपोर्ट परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने एयरपोर्ट अधिकारियों को प्रतीकात्मक रूप से कागज का विमान सौंपते हुए शासन-प्रशासन की उदासीनता के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया। पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव के निर्देश पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया।
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एयरपोर्ट का इतिहास और वर्तमान स्थिति
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, दरिमा स्थित माँ महामाया एयरपोर्ट का निर्माण वर्ष 2023 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा लगभग 50 करोड़ रुपये की लागत से कराया गया था। पूर्व उपमुख्यमंत्री के प्रयासों से दिसंबर 2024 में यहां व्यावसायिक विमान सेवा शुरू हुई थी। यह उल्लेखनीय है कि कांग्रेस शासनकाल में वर्ष 1950 में बने दरिमा एयरपोर्ट का जीर्णोद्धार कर इसे 72 सीटर विमान के संचालन योग्य बनाया गया था। हालांकि, इसके बावजूद यहां केवल 19 सीटर विमान का संचालन शुरू किया गया, जो न केवल अनियमित था बल्कि अत्यधिक महंगा भी साबित हुआ।
सेवा बंद होने के कारण और जनजीवन पर प्रभाव
कांग्रेस नेताओं ने बताया कि नियमित और किफायती हवाई सेवा के लिए रूट और विमान क्षमता को लेकर कई सुझाव दिए गए थे, लेकिन उन पर अमल नहीं किया गया। परिणामस्वरूप, विमान सेवा शुरू होने के महज छह माह के भीतर ही इसे बंद कर दिया गया। संयुक्त बयान में कहा गया कि माँ महामाया एयरपोर्ट क्षेत्र की जनता के लिए आवागमन का एक महत्वपूर्ण साधन है। उड़ानें बंद होने से आम नागरिकों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसका नकारात्मक असर क्षेत्र के आर्थिक, सामाजिक और औद्योगिक विकास पर भी पड़ रहा है।
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कांग्रेस की मांग और चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से तत्काल प्रभाव से दरिमा एयरपोर्ट की विमानन सेवाएं बहाल करने की मांग की, ताकि सरगुजा अंचल को हवाई संपर्क का लाभ मिल सके। कांग्रेस प्रतिनिधि मंडल ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही इस दिशा में सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।