किसान बनकर धान खरीदी केंद्र पहुंचे कलेक्टर
- फोटो : अमर उजाला
सरगुजा कलेक्टर विलास भोस्कर संदीपन किसान के भेस में सीतापुर के पेटला स्थित धान खरीदी केंद्र पहुंच कर धान खरीदी केंद्र का जायजा लिया एवं किसानों को होने वाले परेशानी से भी अवगत हुए। कलेक्टर ने पेटला धान उपार्जन केंद्र, समिति प्रबंधकों को चेतावनी दी कि काम में की लापरवाही तो होगी तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा कलेक्टर ने सहकारी बैंक में भी किसान के साथ घंटो लाइन में लगकर पैसे निकाले और बैंकिंग व्यवस्था देखा।
कलेक्टर विलास भोसकर सीतापुर एसडीएम रवि राही के साथ ट्रैक्टर में सवार होकर धान खरीदी केंद्र पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले लाइन में लगकर टोकन प्रक्रिया का अवलोकन किया। कलेक्टर भोसकर लगभग 1 घण्टे पूरे खरीदी केंद्र का भ्रमण करते रहे। समिति प्रबंधक, कर्मचारियों सहित खरीदी केंद्र में उपस्थित किसी ने भी कलेक्टर को इस रूप में नहीं पहचाना। उन्होंने किसानों के साथ कर्मचारियों के व्यवहार का भी आकलन किया। इसके साथ ही उन्होंने किसानों से भी बात की। वहीं फड़ में धान की तौलाई करवाकर, तौल पत्रक की पोर्टल में ऑनलाइन एंट्री करवाई। प्रशासनिक अधिकारियों ने जब सभी को बताया गया कि यह जिले के कलेक्टर विलास भोसकर हैं तो सभी भौचक रह गए। कलेक्टर श्री भोसकर ने समिति प्रबंधक को निर्देशित करते हुए कहा कि किसानों को खरीदी केंद्र में किसी भी प्रकार की समस्या ना हो इसका ध्यान रहे। पूरी धान खरीदी प्रक्रिया के दौरान चौकन्ने रहें, कोचियों-बिचौलियों पर निगरानी रखें। किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
धान खरीदी के निरीक्षण के पश्चात कलेक्टर भोसकर सहकारी बैंक सीतापुर पहुंचे। धान बेचने के पश्चात पैसे निकालने लाइन में लगभग एक घंटे तक लगे रहे,तब भी कलेक्टर को किसानों ने नहीं पहचान पाया। कलेक्टर लाइन में लगकर पूरी प्रक्रिया का अवलोकन किया। उन्होंने एक किसान के खाते से पैसे निकालकर गिनकर देखा। उन्होंने नया पासबुक बनाने हेतु फॉर्म लिया तथा इसके सम्बन्ध में जानकारी ली। निरीक्षण पश्चात कलेक्टर श्री भोसकर ने किसानों से चर्चा करते हुए बैंक की व्यवस्थाओं के सम्बंध में फीडबैक लिया तथा समस्या के सम्बंध में पूछा। उन्होंने शाखा प्रबंधक को निर्देशित किया कि धान बेचने के उपरांत किसानों के खाते में राशि के अंतरण या अन्य बैंकिंग कार्य में कोई दिक्कत न हो। उन्होंने निर्देश दिया कि कर्मचारियों का व्यवहार किसानों के प्रति अच्छा रहे और उन्हें खरीदी केंद्रों में और पैसा निकालने में कोई परेशानी ना हो।