बलरामपुर जिले की स्व-सहायता समूहों (एसएचजी) की महिलाओं और शिक्षित युवाओं को डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ने की दिशा में नई पहल शुरू की गई है। बलरामपुर जिला प्रशासन और निजी तकनीकी कंपनी प्रिज्मा एआई के बीच कलेक्ट्रेट में कॉग्निटिव डेटा एनोटेशन सेंटर की स्थापना के लिए गैर-वित्तीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
प्रशासन के अनुसार, इस पहल के साथ बलरामपुर डेटा लेबलिंग और एआई आधारित डेटा एनोटेशन केंद्र शुरू करने वाला प्रदेश का पहला जिला बन गया है।
10 सीटों वाले पायलट प्रोजेक्ट से होगी शुरुआत
योजना के पहले चरण में जिले में 10 सीटों वाला संचालन केंद्र शुरू किया जाएगा। केंद्र में एक प्रशिक्षक और एक गुणवत्ता पर्यवेक्षक तैनात रहेंगे। चयनित प्रतिभागियों को एआई साक्षरता, डिजिटल कौशल, डेटा लेबलिंग, इमेज और ऑब्जेक्ट टैगिंग, वर्गीकरण और गुणवत्ता समीक्षा का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद प्रतिभागी विशेषज्ञों की निगरानी में लाइव प्रोजेक्ट्स पर काम करेंगे।
स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने का प्रयास
कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने बताया कि जिले में बड़ी संख्या में 12वीं पास और स्नातक युवा एवं महिलाएं मौजूद हैं, जो स्मार्टफोन और कंप्यूटर का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे लोगों को डिजिटल कार्यों से जोड़कर जिले में ही आय के नए अवसर तैयार किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह केंद्र महिलाओं को पारंपरिक आजीविका के अलावा डिजिटल क्षेत्र से जोड़ने और उन्हें नियमित आय के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम करेगा। प्रशासन के अनुसार इससे लखपति दीदी योजना के लक्ष्य को भी गति मिल सकती है।
कंपनी और प्रशासन की जिम्मेदारियां तय
एमओयू के तहत प्रिज्मा एआई केंद्र के तकनीकी संचालन, प्रशिक्षण, गुणवत्ता नियंत्रण, प्रतिभागियों के पारिश्रमिक, प्रोत्साहन राशि और इंटरनेट कनेक्टिविटी का खर्च उठाएगी। वहीं, जिला प्रशासन केंद्र के लिए परिसर, बुनियादी ढांचा और सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने के साथ पात्र प्रतिभागियों के चयन में सहयोग करेगा।
कौन-कौन रहे मौजूद
एमओयू के दौरान कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी, जिला पंचायत सीईओ आशुतोष चतुर्वेदी, प्रिज्मा एआई के सीईओ डॉ. श्रीराम अय्यर, सीओओ अमिताभ राय चौधरी, सीटीओ विनीत कुमार झा और स्व-सहायता समूह की सदस्य सपना व अनुजा मौजूद रहीं।