रायपुर नगर निगम ने बिना मूलभूत सुविधाओं के ही भाठागांव हॉट बाजार शिफ्ट कर दिया है। यहां पर बिजली, पानी समेत कई अतिआवश्यक सुविधाओं का भारी अभाव है। यहां रात के अंधेरे में सब्जी बाजार लग रही है। शाम साढ़े छह बजे के बाद बाजार में अंधेरा छा जाता है।
रायपुर नगर निगम ने बिना मूलभूत सुविधाओं के ही भाठागांव हॉट बाजार शिफ्ट कर दिया है। यहां पर बिजली, पानी समेत कई अतिआवश्यक सुविधाओं का भारी अभाव है। यहां रात के अंधेरे में सब्जी बाजार लग रही है। शाम साढ़े छह बजे के बाद बाजार में अंधेरा छा जाता है। ऐसे में दुकानदारों और सब्जी खरीदारी करने आने वाले लोगों को काफी परेशानी हो रही है। उन्हें अंधेरे में सब्जी खरीदनी पड़ रही है। नगर निगम ने अभी तक बिजली और पानी की व्यवस्था नहीं की है। केवल पौनी पसारी में ही बिजली की व्यवस्था है।
विज्ञापन
अंधेरे में लग रही भाठागांव हाट बाजार
- फोटो : Amar ujala digital
बिजली, पानी और शौचालय की व्यवस्था नहीं
नये सब्जी बाजार शेड में बिजली के पोल नहीं लगे हैं। प्रकाश की व्यवस्था नहीं की गई है। नये चबूतरे में बिलली की वायरिंग की गई है पर अभी तक इसे शुरू नहीं किया गया है। बिजली के लिये लगे पोल पर लाइट नहीं लगाई गई है। नगर निगम ने सब्जी बाजार को भाठागांव सड़क से हटाकर नये सब्जी हाट बजार में शिफ्ट कर दिया है पर सब्जी खरीदने के लिये आने वाले लोगों और व्यापारियों को बिजली, पानी, शौचालय समेत मूलभूत सुविधाओं नहीं मिल रही हैं। वहीं पानी निकासी की भी व्यवस्था नहीं की गई है।
आवंटन के बावजूद खाली पड़े चबूतरे
- फोटो : Amar Ujala Digital
ऐसे में बरसात का पानी कीचड़ में तब्दील हो जा रहा है। हाल ही में चार दिनों तक लगातार हुई बारिश से जलभराव होने पर लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ऐसे में यहां पर बाजार लगा रहे सब्जी व्यापारियों और ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही सब्जी व्यावसायियों का आरोप है कि यहां दुकान आवंटन में भी अनियमितता बरती गई है। इस वजह से व्यापारियों में नगर निगम के प्रति आक्रोश है।
आवंटन के बाद भी खाली चबुतरा बना मवेशियों का डेरा
- फोटो : Amar Ujala Digital
अमर उजाला की पड़ताल में उठे ये गंभीर सवाल
अमर उजाला पड़ताल में व्यापारियों ने आरोप लगाते हुए बताया कि यहां सब्जी बाजार लगाने के लिये नगर निगम प्रति दुकानदार से 3550 रुपये किराया वसूल रहा है पर इस किराये के एवज में उन्हें सुविधा के नाम पर झुनझुना थमा दिया गया है। सब्जी बाजार के लिये बने चबुतरे और शेड को लेकर सब्जी व्यापारियों ने नगर निगम पर अनियमितता का आरोप लगाया है। दुकान आवंटन में भाई-भतीजावाद का आरोप है।
खाली पड़े सब्जी बाजार के चबुतरे
- फोटो : Amar Ujala Digital
आरोप है कि जान पहचान के व्यापारियों के परिजनों को दो-दो चबुतरे आवंटित किये गये हैं। वहीं यहां वर्षों से बाजार लगा रहे लोकल व्यापरियों को प्राथमिकता न देकर दूसरे क्षेत्र के दुकानदारों को वरीयता दी गई है। लिस्ट में पहले दुकानदार को कोई और आवंटित था बाद में उस पर वाइटनर लगाकर दूसरी दुकान आवंटित कर दी गई।
बिजली की सुविधा नहीं, अंधेरे में लग रही बाजार
- फोटो : Amar Ujala Digital
निगम के अधिकारियों ने साठ-गांठ कर चहेते दुकानदारों को मनचाहा दुकान आवंटित किये हैं।उन्हें दुकान आवंटन के लिये मिली रसीद में वाइटनर लगा हुआ है, इसमें पहले मिले नंबर को छिपाकर दूसरा नंबर दे दिया गया है। नगर निगम अधिकारी मामले में गोल-मोल जवाब दे रहे हैं। कई दुकानों के मालिक दुकान नहीं लगा रहे हैं। ऐसी दुकानें खाली पड़ रहती हैं।
शाम साढ़े छह बजे के बाद अंधेरे में लगता है राजधानी के भाठागांव की हॉट बाजार
- फोटो : Amar Ujala Digital
कई दुकान मवेशियों की शरणस्थली बनी हुई है। खाली पड़े चबूतरे पर कोई दूसरा सब्जी व्यापारी यदि दुकान लगाता है तो झगड़े और विवाद हो रहे हैं। मामले में नगर निगम से शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।