बीजापुर जिले के सर्व आदिवासी समाज ने प्रदेश में आदिवासी समाज की विभूतियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ हो रहे लगातार तिरस्कार और भेदभाव के खिलाफ तीखा विरोध दर्ज कराया है। समाज के पदाधिकारियों ने गुरुवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम कलेक्टर संबित मिश्रा को ज्ञापन सौंपा।
समाज ने अपने ज्ञापन में कहा कि प्रदेश के वीर सपूतों शहीद वीर नारायण सिंह और वीर गुंडाधुर धुरवा की मूर्तियाँ क्रमशः बसना और जगदलपुर में खंडित की गईं, लेकिन आज तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई। समाज ने इसे मूलनिवासी समुदाय की आस्था पर सीधा प्रहार बताया।
सर्व आदिवासी समाज के जिलाध्यक्ष जग्गूराम तेलामी ने कहा कि प्रदेश में मूलनिवासी समुदाय (ST, SC, OBC) के साथ लगातार अन्याय हो रहा है। प्रवासी समुदायों के ट्रस्टों में मूल छत्तीसगढ़ियों को हाशिए पर रखा जा रहा है। जब मूलनिवासी अपने परंपरागत अधिकारों की मांग करते हैं, तो उनके खिलाफ ही पुलिस कार्रवाई की जाती है, जबकि जब उनके देव-धाम या विभूतियों का अपमान होता है, तब प्रशासन मूकदर्शक बना रहता है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शासन-प्रशासन ने ऐसे भेदभावपूर्ण रवैये में सुधार नहीं किया, तो आने वाले दिनों में पूरे राज्य में जनआक्रोश फैल सकता है। समाज ने मांग की कि दोषी अधिकारियों और तत्वों पर कठोर कार्रवाई की जाए तथा मूलनिवासियों के सम्मान और अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।
ज्ञापन सौंपने के दौरान समाज के सचिव कमलेश पैंकरा, उपाध्यक्ष पाकलू तेलम, महार समाज अध्यक्ष अजय दुर्गम, सतीश झाड़ी, श्रवण सैंड्रा, जिल्यूस तिर्की, सतीश मंडावी सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।