फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बच्चों को शराब पिलाकर होता है पितरों को तर्पण

Tue, 24 Sep 2013 01:31 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
चावल, शहद, अन्न..पितरों के तर्पण के लिए इस तरह की चीजें तो बहुत सुनी होंगी। लेकिन छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले पास के लोग पितरों के तर्पण के लिए अपने बच्चों को शराब पिला रहे हैं।
विज्ञापन


इनकी परंपरा औरों से बिल्कुल जुदा है। वे बच्चों की धार्मिक रीति-रिवाज से पूजा करते हैं। महुए की शराब से उनके पैर धोते हैं और शराब पिलाकर अपने पितरों को तर्पण देते हैं।

अगर कोई बच्चा शराब पीने से इनकार करता है, तो यह माना जाता है कि उनके पितर नाराज हैं। ऐसे में परिजन हाथ जोड़कर उनसे विनती करते हैं कि वे उनकी गलतियों के लिए क्षमा करें।
विज्ञापन
विज्ञापन


शराब का का प्रसाद ग्रहण करने क बाद ही परिवार वालों को शांति मिलती है। लोहरा आदिवासी समाज में यह परंपरा सौ सालों से चली आ रही है।

वे इसमें इतना रच बस गए हैं कि शराब के नुकसान को जानने के बावजूद इसे छोडऩा नहीं चाहते।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें