छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस (जे) के सुप्रीमों की स्वास्थ्यगत परेशानियां किसी से छिपी नहीं हैं। इतने खराब स्वास्थ्य के बावजूद वे सड़क मार्ग से जाकर प्रचार कर रहे हैं। पार्टी के प्रचार-प्रसार के लिए वे चार चक्के वाले वाहनों का उपयोग कर रहे हैं। बीते साल दिसंबर महीने में अजीत जोगी ने तीन महीने के लिए हेलीकॉप्टर मंगाया था। इस दौरान उन्होंने प्रदेश भर में लगातार आम सभाएं की थीं। लेकिन अब जब उनकी तबियत इतनी खराब है और उन्हें हेलीकॉप्टर की सबसे ज्यादा जरूरत है, तब वो चार पहिया वाहनों से यात्रा कर रहे हैं ? ऐसे में सवाल तो यही उठता है कि आखिर कहां गया अजीत जोगी का उड़नखटोला?
दो महीने पहले ही जोगी मौत के मुंह से बचकर लौटे हैं। उनकी हालत इतनी गंभीर थी कि उनका इलाज दिल्ली में करवाना पड़ा था। एक महीने के स्वास्थ्य लाभ के बाद अजीत जोगी प्रदेश वापस लौटे थे। उसके बाद से अब-तक वे सड़क मार्गों पर हिचकोले खा-खाकर प्रचार-प्रसार कर रहे हैं।
हेलीकॉप्टर की जरूरत नहीं : अमित जोगी
इस मामले पर अजीत जोगी के सुपुत्र और मरवाही विधायक अमित जोगी ने कहा कि जो विजय रथ बनवाया गया है वह सर्व सुविधा युक्त है। विजय रथ में आईसीयू जैसी सुविधाएं भी मौजूद हैं, इस लिए पापा ( अजीत जोगी ) को हेलीकॉप्टर की जरूरत नहीं है। अब सोचने वाली बात यह है कि क्या कोई रथ हेलिकॉप्टर से ज्यादा सुविधाजनक हो सकता है? ऐसा असलियत में तो नहीं हो सकता लेकिन अजीत जोगी के सुपुत्र अमित जोगी का कहना यही है कि यह ज्यादा सुविधाजनक है?
अजीत जोगी जब प्रदेश में अपना हेलीकॉप्टर लेकर आए थे तब यह सियासत गरमा गई थी कि आखिर यह हेलीकॉप्टर आया कहां से है ? हेलीकॉप्टर के पैसे कौन दे रहा है? ये सभी प्रश्न लगातार सुर्खियों में थे। प्रश्न इसलिए भी उठ रहे थे क्योंकि अजीत जोगी की आर्थिक स्थिति किसी से छिपी नहीं है। लगभग दो साल पहले पूर्व सीएम अजीत जोगी ने कांग्रेस पार्टी का साथ छोड़ अपनी एक नई पार्टी बना ली है। ऐसे में उनके पास अचानक इतना पैसा कहां से आ गया कि वो निजी हेलीकॉप्टर खरीदने की स्थिति में आ गए?
किसका था चौपर
जोगी के लिए खरीदा जाने वाला चौपर ओएसएस कंपनी का बताया गया था। उस 4 सीटर हेलीकॉप्टर की कीमत 7 करोड़ रुपये के बताई गई। इसमें से 3.5 करोड़ लोन से तो 3.5 करोड़ रुपए पार्टी कार्यकर्ता चंदे से देने वाले थे। इस कंपनी का मालिक दुबई में रहता है। वर्तमान में उसी कंपनी का हेलीकॉप्टर प्रदेश के मुखिया डॉक्टर रमन सिंह इस्तेमाल कर रहे हैं।
चंदे का हेलीकॉप्टर भी रहा चर्चा में
हेलीकॉप्टर को लेकर चर्चा ये भी रही कि ये चंदे का चौपर होगा। इसके लिए 3.5 करोड़ रुपए का चंदा जुटाया गया। उसके बाद फिर सवाल उठा कि आखिर इतनी मोटी रकमचंदे से कैसे आएगी? हेलीकॉप्टर आया भी और फिर उसके बाद कहां चला गया किसी को भी पता नहीं चला। ऐसे में अब तो सवाल यही उठ रहा है कि आखिर कहां गया अजीत जोगी का चौपर?