छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पति की मौत के बाद 15 वर्षों से परिवार और समाज के बहिष्कार का दंश झेल रही बेवा महिला के जवान बेटे की भी मौत हो गई। अस्थि बंटवारे का लेकर कल परिवार में ही विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। गांव के बड़े-बुजुर्गो की समझाईश के बाद आखिरकार कई घंटे पश्चात मामला शांत हुआ। उक्त पूरा मामला कोतरा रोड थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम चिराईपाली का है।
मिली जानकारी के मुताबिक दीपावली के दिन चिराईपानी गाँव का रहने वाला अरुण अगरिया अपने एक दोस्त के साथ कपड़ा लेने रायगढ़ आ रहा था, इसी बीच भगवानपुर के पास सड़क हादसे में उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद परिजनों ने पुरे विधि विधान से क्रियाकर्म किया। लेकिन कल सुबह तीजनहान के दिन मृतक की अस्थि प्रयागराज ले जाने का समय आया तब मृतक अरुण अगरिया की मां विमला अगरिया अस्थि लेने मुक्ति धाम पहुंची उसी समय मदन सुन्दर अगरिया भी पहुंच गया, इस बीच अस्थि को लेकर दोनों के बीच बहस शुरू हो गई।
परिवार और समाज ने किया बहिष्कार
बताया जा रहा है की 15 साल पहले विमला अगरिया के पति के निधन के बाद परिवार और समाज के लोगों ने कई आरोप लगाकर महिला का बहिस्कार कर दिया है, तब से विमला अगरिया मितानिन का काम करते हुए अपने बेटे अरुण अगरिया और बेटी नीलम के सहारे ही जीवन यापन करते आ रही है। अब बेटे की मौत के बाद महिला पर दुखो का पहाड टूट पड़ा है।
अस्थि पर पहला अधिकार मां का
सड़क हादसे में बेटे खो देने के बाद महिला ने स्वयं क्रिया कर्म और अस्थि विसर्जन करने का निर्णय लिया था। जबकि मृतक के बड़े पिता मदन सुंदर अगरिया प्रयागराज में अस्थि विसर्जन करना चाहते थे। इसी बात लेकर कल गांव में बवाल हो गया था, कई घंटे तक हंगामे के बाद गांव के बड़े बुजुर्गो ने यह फैसला किया कि बेटे की अस्थि पर पहला अधिकार उसकी मां का ही है, तब जाकर यह मामला शांत हुआ।
बेटे की अस्थि का बंटवारा नही चाहती मां
मृतक युवक की मां विमला अगरिया ने बताया कि अस्थि विसर्जन को लेकर बैठक करके चर्चा की गई थी जिसमें उसने कहा था कि मृतक युवक के चाचा के बेटे को साथ लेकर वह प्रयागराज जाना चाहती थी, इस पर परिवार के लोगों ने सहमति भी जताई थी और दोनों परिवार अलग-अलग खाना पीना करने की बात कही गई थी। लेकिन सुबह होते ही उससे पूछे बिना वे लोग अस्थि लेकर आ गए हैं। महिला ने बताया कि वह किसी भी हाल में अपने बेटे के अस्थि का बंटवार नही चाहती है। इसी बात को लेकर विवाद हुआ था।