जांच एजेंसियों को पिछले साल तब बिलासपुर हाईकोर्ट से झटका लगा, जब उनकी ओर से पेश किए गए तीन सरकारी गवाहों को अदालत ने आरोपी बनाने का आदेश दिया था। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने इस घोटाले का संज्ञान लिया था।
घोटाले से जुड़ी डायरी सामने लाने वाले आरटीआई कार्यकर्ता राकेश चौबे के मुताबिक यह हजारों करोड़ रुपये का घोटाला है और इसमें सरकार के शीर्ष पर बैठे नेता, अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं। जांच एजेंसियां बड़े लोगों के बदले छोटी मछलियों का शिकार कर मामले पर पर्दा डाल रही हैं। आरोपों के घेरे में रहे शीर्ष नेता व नौकरशाहों से पूछताछ तक नहीं हुई है।