जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ विकासखंड के डोंगाकोहरौद मार्ग की खस्ताहाल सड़क को लेकर ग्रामीणों के आंदोलन की चेतावनी के बाद आखिरकार प्रशासन हरकत में आया है।
जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ विकासखंड के डोंगाकोहरौद मार्ग की खस्ताहाल सड़क को लेकर ग्रामीणों के आंदोलन की चेतावनी के बाद आखिरकार प्रशासन हरकत में आया है। ग्रामीणों के दबाव के चलते मंगलवार को लगभग 4 किलोमीटर सड़क की खुदाई और मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है।
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दरअसल, आठ गांवों के सरपंचों ने 7 नवंबर को चक्का जाम की चेतावनी दी थी, जिसके बाद जिला प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ करवा दिया। लंबे समय से यह सड़क जर्जर हालत में थी, जिससे पामगढ़, केसला, भिलौनी, ससहा और धनगांव सहित आसपास के गांवों के लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही थी।
ग्रामीणों का कहना है कि बीते 8 वर्षों से सड़क मरम्मत की मांग अधूरी है, जिससे अब उन्होंने नई सड़क निर्माण की मांग उठाई है। मंगलवार को हुई बैठक में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और महिलाओं ने सर्वसम्मति से आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया। पूर्व जनपद अध्यक्ष राजकुमार पटेल ने बताया कि सड़क की स्थिति बेहद खराब है और अब ग्रामीण केवल मरम्मत नहीं बल्कि नई सड़क निर्माण की मांग पर अड़े हुए हैं।
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ग्रामीणों की चेतावनी के बाद एसडीएम, तहसीलदार, पीडब्ल्यूडी अधिकारी और थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों की मौजूदगी में गड्ढों की मिट्टी और गिट्टी भराई का काम शुरू किया गया, पर ग्रामीणों ने इसे केवल खानापूर्ति बताया है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक नई सड़क के निर्माण की आधिकारिक घोषणा नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।