बलरामपुर-रामानुजगंज थाना सनावल क्षेत्र के ग्राम सुंदरी निवासी युवक जय गोविंद मानिकपुरी की आत्महत्या मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी रामचंद्र मानिकपुरी (32 वर्ष) और उसके पिता रामशरण मानिकपुरी (65 वर्ष), दोनों निवासी सुंदरी, थाना दुद्धी, जिला सोनभद्र (उत्तर प्रदेश) को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, मृतक जय गोविंद को ठेकेदार रामचंद्र मानिकपुरी दो वर्ष पहले मजदूरी के लिए झांसी (उ.प्र.) ले गया था। वहां वह राजमिस्त्री का काम करता था और उसकी लगभग एक लाख रुपये मजदूरी रामचंद्र के पास बकाया थी। जब जय गोविंद ने मजदूरी मांगी तो रामचंद्र ने पैसे देने से मना कर उसे डांटकर भगा दिया। 30 जुलाई को जय गोविंद जब अपने भाई की बाइक से ग्राम नकवा से घर लौट रहा था, तब ग्राम कोंगा के पास रामचंद्र के मजदूर असरफी व अन्य लोगों ने उसे रोक लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि रामचंद्र ने उनकी मजदूरी नहीं दी है। जब जय गोविंद ने फोन कर रामचंद्र से बात करवाई तो उसने मजदूरों से कह दिया कि "तुम्हारा पैसा जय गोविंद देगा, नहीं देगा तो उसकी मोटरसाइकिल रख लो।" इसके बाद मजदूरों ने बाइक छीन ली।
मोटरसाइकिल वापस मांगने और मजदूरी दिलाने की गुहार लेकर जब जय गोविंद, रामचंद्र के पिता रामशरण के पास गया, तो उन्होंने झगड़ा कर दिया। अगले दिन 31 जुलाई को रामशरण मृतक के घर जाकर धमकी दी कि "आज जो कर सकते हो कर लो, अब तुझे मरवा देंगे। लगातार मानसिक और आर्थिक दबाव से परेशान होकर जय गोविंद ने 31 जुलाई की रात से 1 अगस्त के बीच फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पोस्टमार्टम में दम घुटने और फांसी से मौत की पुष्टि हुई। थाना सनावल में अपराध क्रमांक 33/2025 धारा 108, 309(2), 3(5) भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। संपूर्ण कार्रवाई में थाना प्रभारी उपनिरीक्षक गजपति मर्रे, एएसआई गोटिया राम मरावी, आरक्षक अमृत सोनवानी एवं प्रविन्द्र कुजूर की सक्रिय भूमिका रही।