छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में चांदमारी डबरी में युवक की हत्या कर शव फेंकने के मामले का खुलासा हो गया है। पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्या में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में दोनों ने मामूली विवाद की रंजिश के चलते युवक की हत्या करना स्वीकार किया है।
धरमजयगढ़ एसडीओपी सिद्धांत तिवारी ने बताया कि मृतक की पहचान कैलाश सारथी (19 वर्ष) निवासी जेलपारा के रूप में हुई है। 22 अक्टूबर की सुबह उसका शव चांदमारी डबरी में पानी के ऊपर तैरता मिला था। मृतक के सिर में गंभीर चोट, दाहिने कान में कटाव और गले पर नाखूनों के निशान पाए गए थे। घटनास्थल पर खून और घसीटने के निशान भी मिले, जिससे स्पष्ट हुआ कि कैलाश की हत्या कर शव को साक्ष्य छिपाने के लिए पानी में फेंका गया था।
छोटी बात बनी खून-खराबे की वजह
पुलिस ने जांच के दौरान मृतक के रिश्तेदारों और दोस्तों से पूछताछ की। इसी दौरान पता चला कि कैलाश को आखिरी बार सुरेश यादव उर्फ लल्ला (26 वर्ष) और अजीत कुमार यादव (23 वर्ष), दोनों निवासी जेलपारा, के साथ देखा गया था। संदेह के आधार पर जब दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, तो उन्होंने अपराध स्वीकार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि 21 अक्टूबर की रात नराई टिकरा क्षेत्र में कैलाश के साथ गाली-गलौज और विवाद हुआ था। उसी रंजिश में दोनों ने उसकी हत्या की योजना बनाई।
शव को डबरी में फेंका
आरोपी सुरेश ने पहले से एक लोहे की रॉड चांदमारी में छिपाई हुई थी। बाद में उसने अजीत के साथ मिलकर कैलाश को बहाने से वहीं बुलाया। तीनों ने साथ में शराब पी, इसी दौरान सुरेश ने मौका देखकर कैलाश के सिर पर रॉड से हमला कर दिया। कैलाश के गिरते ही अजीत ने पेचकस से सिर पर कई वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद दोनों ने शव को घसीटकर डबरी के पानी में फेंक दिया, ताकि साक्ष्य मिटाया जा सके।
घटनास्थल से मिला हत्या का सामान, आरोपी जेल भेजे गए
पुलिस ने घटना में प्रयुक्त लोहे की रॉड, पेचकस और मृतक का मोबाइल फोन बरामद कर लिया है। साथ ही, सुरेश यादव के घटना के समय पहने कपड़े भी जब्त किए गए हैं। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता पाई जाने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।