गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर कांग्रेस नेता आनंद कुकरेजा से 25 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस ने आरोपी शोएब ढेबर पर 5 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। कार्यालय पुलिस उपायुक्त मध्य क्षेत्र रायपुर से जारी आदेश के अनुसार आरोपी की गिरफ्तारी या उसकी गिरफ्तारी कराने के लिए सटीक और विश्वसनीय सूचना देने वाले व्यक्ति को यह नकद पुरस्कार दिया जाएगा। आरोपी पुलिस की गतिविधियों और विभागीय कार्रवाई की भनक मिलने के बाद से लगातार अपने ठिकाने बदलकर फरार चल रहा है। पुलिस के उच्च अधिकारी अब आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार नजर रख रहे हैं।
लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर मांगी रंगदारी
कांग्रेस नेता आनंद कुकरेजा को गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर फोन करके 25 करोड़ रुपये की भारी-भरकम रंगदारी देने की धमकी दी गई थी। इस मामले की जांच के दौरान पुलिस के सामने शोएब ढेबर का नाम सामने आया था। प्रकरण दर्ज करने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए कई स्तरों पर व्यापक अभियान चलाया, लेकिन वह लगातार पुलिस को चकमा देने में सफल रहा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को पुलिस की हर गतिविधि और कार्रवाई की जानकारी पहले ही मिल जाती थी, जिसकी वजह से वह मौके से भागने में सफल हो जाता था।
सूचना देने वाले को मिलेगा इनाम
रायपुर के मध्य क्षेत्र के पुलिस उपायुक्त तारकेश्वर पटेल ने पुलिस रेग्युलेशन के पैरा 80-ए के तहत शोएब ढेबर पर इनाम की आधिकारिक घोषणा की है। जारी आदेश के तहत जो भी व्यक्ति पुलिस को आरोपी का पता बताएगा, उसे गिरफ्तार करवाएगा या उससे संबंधित कोई ठोस और विश्वसनीय जानकारी उपलब्ध कराएगा, उसे 5 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। इस मामले में इनाम देने का अंतिम निर्णय मध्य क्षेत्र रायपुर के डिप्टी पुलिस कमिश्नर का होगा।
सूचना लीक करने पर दो सिपाही लाइन अटैच
शोएब ढेबर की सरगर्मी से तलाश कर रहे पुलिस अधिकारियों ने प्रकरण से जुड़ी गोपनीय जानकारी लीक होने के मामले में कड़ा कदम उठाया है। पुलिस विभाग ने एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट में तैनात दो सिपाहियों शिवम द्विवेदी और राहुल सिंह गौतम को लाइन अटैच कर दिया है। इन दोनों पुलिसकर्मियों पर केस से संबंधित विभागीय और गोपनीय जानकारियां आरोपी तक पहुंचाने का आरोप लगा है। हालांकि, कार्रवाई करने वाले वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने इन आरोपों की अब तक कोई अधिकृत पुष्टि नहीं की है, लेकिन विभागीय स्तर पर मामले की पड़ताल की जा रही है।