छत्तीसगढ़ के जिला मुख्यालय सूरजपुर से लगभग 120 किलोमीटर की दूरी पर, ओडगी विकासखंड के नवगई गांव में स्थित जलप्रपात रेण नदी पर बना हुआ है। यह रकसगंडा वॉटरफॉल प्राकृतिक सुंदरता का एक ऐसा अद्भुत उदाहरण है, जो हर किसी को अपने आकर्षण से मोहित कर लेता है। यह क्षेत्र मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमा से सटा हुआ है, जहां प्रकृति ने अपनी कलात्मक छवि प्रस्तुत की है।
रकसगंडा वॉटरफॉल न केवल एक पर्यटन स्थल है, बल्कि यह स्थान प्रकृति प्रेमियों और उन लोगों के लिए आदर्श है, जो अपनी भागदौड़ भरी जिंदगी से कुछ पल सुकून के तलाश में रहते हैं। घने वनों और जलप्रपात की मधुर ध्वनि के बीच बिताए गए पल हर किसी के लिए यादगार बन जाते हैं।
करीब 50 फीट की ऊंचाई से गिरता जल, जब पत्थरों के समूह के बीच से बहता है, तो उसकी कलकल ध्वनि और मनमोहक दृश्य एक अद्वितीय अनुभव कराते हैं। घने जंगलों के बीच स्थित यह वॉटरफॉल न केवल पर्यटकों के लिए एक शानदार पिकनिक स्थल है, बल्कि उनकी आत्मा को शांति और सुकून भी प्रदान करता है।
रकसगंडा वॉटरफॉल की खासियत इसके आसपास की अद्भुत भू-आकृति है। यहां विभिन्न संरचनाओं में फैले विशाल पत्थरों का समूह देखने लायक है। इन पत्थरों के बीच से बहती रेण नदी की धारा ऐसा प्रतीत कराती है मानो प्रकृति ने खुद इसे अपनी कलाकारी से सजाया हो। ठंड के मौसम में यह स्थान और भी आकर्षक हो जाता है, जब यहां बड़ी संख्या में पर्यटक पिकनिक मनाने और प्रकृति के करीब समय बिताने पहुंचते हैं।