बलरामपुर जिले के रामचंद्रपुर स्थित ग्राम पंचायत अनिरुद्धपुर के भीतरी पारा में गुरुवार देर रात जंगल से सात हाथियों का दल गांव में घुस आया। हाथियों ने खेतों में लगी धान और मक्का की खड़ी फसल को पूरी तरह रौंद दिया।
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के रामचंद्रपुर स्थित ग्राम पंचायत अनिरुद्धपुर के भीतरी पारा में गुरुवार देर रात जंगल से सात हाथियों का दल गांव में घुस आया। हाथियों ने खेतों में लगी धान और मक्का की खड़ी फसल को पूरी तरह रौंद दिया। इससे ग्रामीणों के बीच देर रात तक दहशत का माहौल बना रहा।
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हाथियों ने गांव के चार किसानों जलील अंसारी, सद्दाम अंसारी, अली मोहम्मद और नसरुल्ला अंसारी के खेतों में लगी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। हाथियों के आने की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने वन विभाग को खबर दी। वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और हाथियों को गांव से भगाने के लिए पटाखे छोड़े। हालांकि, शुरुआत में पटाखों का हाथियों पर कोई खास असर नहीं हुआ। फसल खाने के बाद हाथी स्वयं ही जंगल की तरफ चले गए। फिलहाल वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन कर रही है, जिसके बाद क्षति का विस्तृत ब्योरा सामने आ सकेगा।
छह हाथी जंगल लौटे, एक की निगरानी में जुटी टीम
धमनी वन परिक्षेत्र के बिशनपुर और दोलंगी सर्किल तक हाथियों का यह दल पहुंचा था। रेंजर केशव राज खटके ने बताया कि इलाके में कुल सात हाथियों का दल विचरण कर रहा था। इनमें से छह हाथी आगे बढ़कर जंगल की ओर चले गए हैं, जबकि एक हाथी अब भी इसी इलाके में मौजूद है। वन विभाग की टीम उस अकेले हाथी की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही है। वन विभाग ने ग्रामीणों को चेतावनी दी है कि वे जंगल की ओर न जाएं। अधिकारियों ने हाथी दिखाई देने पर उससे सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है। लगातार हाथियों की आवाजाही के कारण ग्रामीण भी पूरी तरह सतर्क हैं और जंगल की तरफ जाने से बच रहे हैं।