शिवदयाल प्रजापति के तीन पुत्र हैं और सभी की शादियां हो चुकी हैं। सभी आर्थिक रूप से सक्षम हैं और अच्छे से जीवन यापन कर रहे हैं। बावजूद इसके, कोई भी पिता की देखभाल करने को तैयार नहीं है।
इंसान जीवन भर परिवार के लिए मेहनत करता है, लेकिन जब जीवन की संध्या आती है, तो वही परिवार साथ छोड़ दे, इससे बड़ा दुःख और क्या हो सकता है। रामानुजगंज थाना से एएसआई पद से 31 जनवरी 1997 को सेवानिवृत्त हुए शिवदयाल प्रजापति आज लगभग 90 वर्ष के हो चले हैं। करीब 25 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति के मालिक होने के बावजूद वे अकेलेपन की जिंदगी जीने को मजबूर हैं।
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शिवदयाल प्रजापति के तीन पुत्र हैं और सभी की शादियां हो चुकी हैं। सभी आर्थिक रूप से सक्षम हैं और अच्छे से जीवन यापन कर रहे हैं। बावजूद इसके, कोई भी पिता की देखभाल करने को तैयार नहीं है। वर्तमान में वे स्वयं खाना बनाते हैं और अकेले ही अपना जीवन काट रहे हैं। कुछ दिनों पहले उनकी आंखों की रोशनी कमजोर हो गई, जिसके बाद एक नाति उनकी देखभाल करने के लिए उनके साथ रहने लगा है।
शिवदयाल प्रजापति ने बताया कि जीवन भर उन्होंने अपने बच्चों की खुशियों के लिए सब कुछ किया, लेकिन आज उनका हाल पूछने वाला कोई नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि बेटों के पास धन की कोई कमी नहीं है, फिर भी वे पिता के प्रेम और सेवा से कोसों दूर हैं। समाज में यह एक चिंताजनक स्थिति है कि जहां बुजुर्गों की सेवा को कर्तव्य माना जाता था, आज वही उपेक्षा और तिरस्कार के शिकार हो रहे हैं।