छत्तीसगढ़ में दो स्थानों पर करीब 72 घंटे से नक्सलियों के साथ चल रही मुठभेड़ शुक्रवार शाम को खत्म हो गई। नक्सल प्रभावित सुकमा और दंतेवाड़ा जिलों की सीमा पर चल रही मुठभेड़ में मौके से भारी मात्रा में गोला-बारूद व अन्य हथियार और नक्सली दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
दो जगह चल रही थी मुठभेड़, सुरक्षा बलों ने बरामद किए भारी मात्रा में हथियार, कई नक्सली मारे जाने का दावा
इस दौरान किसी नक्सली का शव मौके पर नहीं मिला है, लेकिन पुलिस ने मौके पर मिले खून के निशानों से कई नक्सलियों के मारे जाने का दावा किया है। मुठभेड़ के दौरान एक आईईडी में विस्फोट हो जाने से जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) का भी एक कमांडो घायल हुआ है, जिसका इलाज अस्प्ताल में कराया जा रहा है।
आईजी पुलिस बस्तर रेंज सुंदरराज ने बताया कि माओवादियों की दरभा डिवीजन कमेटी के वरिष्ठ कैडरों की मौजूदगी जानकारी मिलने पर सुरक्षा बलों ने गोगुंडा, बेदमा, गोगुंडा, नागाराम, पुजारीपारा, गुमोदी और काकड़ी के जंगलों में 23 दिसंबर को तलाशी अभियान शुरू किया था।
आईजी के मुताबिक, अभियान में डीआरजी के अलावा सीआरपीएफ और कोबरा यूनिट को शामिल किया गया था। यह अभियान शुक्रवार शाम को पूरा हुआ। इस दौरान गोगुंडा और काकड़ी में बृहस्पतिवार को सुरक्षा बलों का सामना नक्सलियों से हो गया। करीब 72 घंटे तक चल रही फायरिंग के बाद यह अभियान शुक्रवार शाम को खत्म हुआ।
आईजी सुंदरराज ने बताया कि दोनों ही मुठभेड़ में नक्सली भागने में सफल रहे, लेकिन मौके पर मिले खून की मात्रा और लाश को खींचे जाने के निशान दिखाई दिए हैं। इससे माना जा रहा है कि कम से कम 4 से 5 आतंकी मारे गए हैं।