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रायगढ़ में केलो डैम के छह गेट खोले गए: जलस्तर 231.8 मीटर पहुंचा, चक्रपथ डूबा; निचले इलाकों में अलर्ट

Tue, 25 Aug 2026 04:07 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, रायगढ़

सार

जिले के ऊपरी क्षेत्रों में पिछले दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण केलो बांध में जलस्तर तेजी से बढ़ गया। जलभराव को देखते हुए मंगलवार सुबह लगभग सात बजे केलो बांध के छह गेट खोल दिए गए।
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रायगढ़ में केलो डैम के छह गेट खोले गए - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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रायगढ़ जिले के ऊपरी क्षेत्रों में पिछले दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण केलो बांध में जलस्तर तेजी से बढ़ गया। जलभराव को देखते हुए मंगलवार सुबह लगभग सात बजे केलो बांध के छह गेट खोल दिए गए। इसके चलते केलो नदी के जलस्तर में अचानक भारी वृद्धि दर्ज की गई और तटीय इलाकों में पानी का बहाव बेहद तेज हो गया है। बांध से पानी छोड़े जाने के कारण कलेक्ट्रेट की तरफ जाने वाला प्रमुख चक्रपथ पूरी तरह जलमग्न हो गया। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने रास्ते के दोनों ओर मजबूत बैरिकेड्स लगा दिए हैं ताकि कोई भी वाहन चालक जलभराव वाले मार्ग पर न जा सके।
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चक्रपथ के पूरी तरह बंद हो जाने से शहर की यातायात व्यवस्था पर व्यापक असर पड़ा है। इस व्यस्ततम मार्ग से आवाजाही रुकने के कारण चक्रधर नगर मार्ग, नया शनि मंदिर मार्ग और पंजरी प्लांट से जेल कॉम्प्लेक्स की तरफ जाने वाले मुख्य रास्ते पर वाहनों का भारी दबाव बढ़ गया। सभी वैकल्पिक मार्गों पर गाड़ियों की लंबी कतारें लगी हैं और यातायात व्यवस्था ठप हो गई। इससे राहगीरों, नौकरीपेशा लोगों और स्थानीय निवासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।

केलो नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने तटीय तथा निचले इलाकों में रहने वाले नागरिकों के लिए सतर्कता बरतने की अपील जारी की है। प्रशासन के अनुसार जलाशय में लगातार पानी की आवक बनी हुई है, जिससे नदी के जलस्तर में लगभग तीन फीट तक और बढ़ोतरी होने की संभावना है। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे नदी के किनारों, जलभराव वाले स्थानों और संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जाने से बचें।
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केलो परियोजना के ईई एमके गुप्ता ने बताया कि रातभर कैचमेंट क्षेत्र में हुई बारिश के कारण बांध में पानी की आवक लगातार बनी हुई थी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुबह बांध के छह गेट खोलने पड़े। उन्होंने बताया कि वर्तमान में बांध का जलस्तर 231.8 मीटर तक पहुंच गया है, जबकि इसकी अधिकतम जलभराव क्षमता 233 मीटर निर्धारित है। सिंचाई विभाग और बांध प्रबंधन की टीम पूरी स्थिति पर सतत नजर बनाए हुए है।
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