पुलिस को दी जानकारी में पीड़ित के बेटे ने कहा कि मैं अतुल सिंह महामाया चौक के पास रहता हूं। हम एक भाई और तीन बहने हैं। मेरे पिता की पिछले 5-6 महीने से मानसिक हालत ठीक नहीं हैं। उनका नाम सुंदर सिंह ठाकुर है।
उनका इलाज अपोलो और भिलाई में चल रहा है। बेटे ने आगे कहा कि हमारी मां की मृत्यु 1990 में हो गई थी। जिसके कारण पिता की स्थिति ठीक नहीं है। इसके बाद उन्होंने शनिवार को सड़क पर आकर अपने ऊपर
पैट्रोल डालकर आग लगा ली। पिताजी अभी ठीक से बात नहीं कर पा रहे हैं।
पुलिस के अनुसार पीड़ित व्यक्ति की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। इसलिए उन्होंने स्वंय को
आग के हवाले कर दिया। पुलिस ने आगे कहा कि फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही पूरा मामला स्पष्ट हो पाएगा।
मदद के लिए कोई आगे नहीं आया
वहीं घटनास्थल पर मौजूद लोगों में से किसी ने भी पीड़ित को आग लगाने से नहीं रोका। बल्कि लोग तमाशा देखते रहे और वीडियो बनाते रहे। जिस जगह पर पीड़ित ने खुद को आग लगाई है, वहां लोगों का आना जाना लगा रहता है। वहां पर कई दुकानें भी हैं। वह सबसे व्यस्ततम चौराहों में से एक है। जब दुकानदारों से पूछा गया कि वह मदद के लिए क्यों नहीं आए तो उनमें से एक ने कहा कि मैं बैंक गया था।
वहीं दूसरे दुकानदार का कहना है कि उसका दिल कमजोर है। इसलिए उसने
मदद नहीं की। उसी जगह पर एक ठेले वाला भी रोज खड़ा होता है। जब घटना के बारे में ठेले वाले से पूछा गया तो उसने कहा कि वह उस समय वहां मौजूद नहीं था। यह साफ तौर पर कहा जा सकता है कि मदद ना करने वाले लोगों में से ही किसी ने वीडियो बनाया। जिसके बाद वीडियो वायरल हो गया। जब एक
वीडियो बनाने वाले से पूछताछ की गई तो उसने भी कुछ कहने से मना कर दिया।