छत्तीसगढ़ में सामाजिक-आर्थिक सर्वे शुरू हो चुका है। एक अप्रैल से शुरू हुए इस सर्वेक्षण की अंतिम तिथि 30 अप्रैल है। ऐसे में महासमुंद जिला कलेक्टर निलेश कुमार क्षीरसागर ने समीक्षा बैठक कर इसमें तेजी लाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद एक दिन में ही टीम ने महासमुंद ब्लॉक में 105 ग्राम पंचायतों में पांच हजार परिवारों का सर्वे पूरा कर लिया। ब्लॉक में कुल 58875 परिवारों का सर्वे किया जाना है, जिसके एवज में अब तक 25045 परिवार का सर्वे का काम पूरा हो गया है। यानी 12 दिनों में ही लगभग 50 प्रतिशत का लक्ष्य पूरा कर लिया गया है।
जनपद सीईओ निखत सुल्ताना ने बताया कि, इस महाभियान को पूरा करने के लिए ब्लॉक के सीडीपीओ, बीईओ, एबीईओ, सुपरवाइजर, संकुल समन्वयक, एवीएफओ, आरईओ, एसईडीओ, मनरेगा के टेक्नीशियन, और करारोपण अधिकारियों को मिलाकर कुल 100 से अधिक कर्मचारियों ने फील्ड में उतरकर काम को संभाला। इसके साथ ही 268 प्रगणक दलों के द्वारा सर्वेक्षण का काम पूरा किया गया। सर्वे का लक्ष्य इस महाभियान के बाद 12 दिनों में अब तक लगभग 50 प्रतिशत पूरा हो चुका है। 20 अप्रैल तक लक्ष्य को पूरा करने का टारगेट रखा गया है।
मुख्यमंत्री के घोषणा के बाद एक अप्रैल से ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक, आर्थिक सर्वेक्षण 2023 का शुभारंभ हुआ है। महासमुंद जिले में 2,84,540 ग्रामीण क्षेत्र के परिवारों का सर्वेक्षण का काम किया जाना है। इसमें बागबाहरा के 53,833, बसना के 54,046, महासमुंद के 58,875, पिथौरा के 64,862 और सरायपाली विकासखण्ड के ग्रामीण क्षेत्रों के 52,924 परिवार शामिल है। इस प्रकार जिले में कुल 2,84,540 परिवारों के सामाजिक, आर्थिक सर्वेक्षण किया जाना है। जिले के 551 ग्राम पंचायतों में सर्वेक्षण के लिए 135 सुपरवाइजर, 1476 प्रगणक की ड्यूटी लगाई गई है।