बस्तर जिले के थाना बुरगुम क्षेत्र में 16 वर्षीय नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी पांडू बेको को विशेष पाक्सो न्यायालय ने 20 वर्ष के कठोर कारावास और 5000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर एक माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि वह गांव के मेले में अपनी सहेली के साथ झूला झूलने गई थी। शाम सात बजे के करीब दोनों जंगल की ओर शौच के लिए गईं, तभी आरोपी पांडू बेको और संतोष बेको ने उनका पीछा किया। दोनों ने पीड़िता और उनकी सहेली के मुंह में गमछा बांधकर उन्हें जंगल में ले जाकर जबरन दुष्कर्म किया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और पीड़िता की उम्र 16 वर्ष से कम होने के कारण पांडू बेको के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376(3) और पाक्सो अधिनियम 2012 की धारा 4 के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया।
मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) और विशेष पाक्सो न्यायालय की पीठासीन अधिकारी श्रीमती संगीता नवीन तिवारी के समक्ष हुई। अभियोजन के तर्कों और साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने पांडू बेको को पाक्सो अधिनियम की धारा-4 के तहत दोषी ठहराया। इसके साथ ही पीड़िता को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 357-क के तहत राज्य सरकार की मुआवजा और पुनर्वास नीति के अनुसार सहायता राशि प्रदान करने का आदेश दिया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक (पाक्सो) वरुणा मिश्रा ने पैरवी की।