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सूख रहे गले: धमतरी के 155 गांव पेयजल संकट की चपेट में, बूंद-बूंद के लिए तरस रहे लोग; काफी दूर से ला रहे पानी

Wed, 30 Apr 2025 07:07 PM IST
श्याम जी. अमर उजाला नेटवर्क, धमतरी

सार

धमतरी जिले में बढ़ती गर्मी के साथ पेयजल संकट गहरा गया है। 155 गांवों में पानी की भारी कमी है। पीएचई विभाग प्रभावित क्षेत्रों में जलापूर्ति का दावा कर रहा है, लेकिन ग्रामीणों को पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है।  
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पानी लाती हुई ग्रामीण बेटियां और महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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धमतरी जिले में जैसे-जैसे गर्मी बढ़ रही है, वैसे-वैसे पेयजल संकट भी गंभीर होता जा रहा है। कलेक्टर कार्यालय में रोजाना ग्रामीण पानी की समस्या को लेकर शिकायत करने पहुंच रहे हैं। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिले के 155 गांवों में पेयजल की गंभीर समस्या देखने को मिल रही है। हालांकि, विभाग का दावा है कि प्रभावित गांवों में पेयजल की व्यवस्था की जा रही है।

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155 गांवों में पानी की भारी कमी 
बता दें कि धमतरी जिले को 2013 में पेयजल के मामले में सेमी-क्रिटिकल क्षेत्र घोषित किया गया था। हर साल यहां कई गांवों में पानी की विकट समस्या उत्पन्न होती है, जिसके चलते लोगों को पानी की एक-एक बूंद के लिए जद्दोजहद करनी पड़ती है। इस साल 155 गांवों में पानी की भारी कमी देखी जा रही है, और ग्रामीणों को अपनी प्यास बुझाने के लिए लंबी दूरी तय कर पानी लाना पड़ रहा है।

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पेयजल संकट चरम पर 
पीएचई विभाग के अनुसार, सामान्य तौर पर मई और जून में पेयजल संकट चरम पर होता था, लेकिन इस बार अप्रैल में ही पानी की समस्या शुरू हो गई है, जो चिंता का विषय है। विभाग को आशंका है कि कहीं धमतरी जिला क्रिटिकल जोन में न पहुंच जाए। विभाग ने बताया कि जिन क्षेत्रों में कृषि कार्यों के लिए भारी मात्रा में पानी का दोहन हो रहा है, वहां स्थिति और भी खराब है। 

पानी का अत्यधिक दोहन न करने की अपील 
पीएचई विभाग ने लोगों से पानी का अत्यधिक दोहन न करने की अपील की है, ताकि भविष्य में स्थिति और गंभीर न हो। साथ ही, विभाग प्रभावित क्षेत्रों में वैकल्पिक जलापूर्ति के उपाय करने में जुटा है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि अभी तक स्थिति में सुधार नहीं हुआ है।
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