पेयजल संकट चरम पर
पीएचई विभाग के अनुसार, सामान्य तौर पर मई और जून में पेयजल संकट चरम पर होता था, लेकिन इस बार अप्रैल में ही पानी की समस्या शुरू हो गई है, जो चिंता का विषय है। विभाग को आशंका है कि कहीं धमतरी जिला क्रिटिकल जोन में न पहुंच जाए। विभाग ने बताया कि जिन क्षेत्रों में कृषि कार्यों के लिए भारी मात्रा में पानी का दोहन हो रहा है, वहां स्थिति और भी खराब है।
पानी का अत्यधिक दोहन न करने की अपील
पीएचई विभाग ने लोगों से पानी का अत्यधिक दोहन न करने की अपील की है, ताकि भविष्य में स्थिति और गंभीर न हो। साथ ही, विभाग प्रभावित क्षेत्रों में वैकल्पिक जलापूर्ति के उपाय करने में जुटा है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि अभी तक स्थिति में सुधार नहीं हुआ है।