छत्तीसगढ़ के सराईपाली बस स्टैंड में एक लाउडस्पीकर लगी हुई जीप गुजरती है और आवाज आती है-चंदू भईया को वोट दें। महासमुंद लोकसभा के योग्य और कर्मठ उम्मीदवार चंदू साहू...
जीप धूल उड़ाती हुई सामने से निकल जाती है और जीप से आ रही धीरे-धीरे गुम होती आवाज की दिशा में देखते हुए सराईपाली के बुज़ुर्ग मनोहर चंद्राकर पास खड़े नौजवान से छत्तीसगढ़ी में पूछते हैं- “इ कोन चंदू हे?”
नौजवान भी अपना सिर हिलाता है- “कोन जाने।”दोनों एक दूसरे को देखते हैं और ठठाकर हंसने लग जाते हैं।
भाजपा के चंदूलाल परेशान
असल में महासमुंद लोकसभा के इलाक़े में इस बार यहां से एक साथ आठ-आठ चंदूलाल साहू चुनाव मैदान में हैं। इसके अलावा तीन उम्मीदवार ऐसे हैं, जिनका नाम चंदूराम साहू है। मतलब ये कि ‘राम’ और ‘लाल’ को अगर हटा दें, इस बार यहां चंदू साहू नाम के 11 प्रत्याशी चुनाव में अपनी क़िस्मत आज़मा रहे हैं।
ज़ाहिर है, कुल 38 उम्मीदवारों में से 11 उम्मीदवार अगर एक नाम वाले हों तो इलाके के निवर्तमान सांसद को परेशान होना ही चाहिए क्योंकि इन नामों में से एक नाम उनका भी है- चंदूलाल साहू। भाजपा सांसद चंदूलाल साहू एक साथ इतने सारे चंदू साहू के मैदान में उतरने से थोड़े हैरान भी हैं। उनका मानना है कि यह सब विपक्षी दलों की साज़िश है।
वे कहते हैं, “कांग्रेस पार्टी ने ही इन सब को खड़ा किया है। लेकिन इससे क्या फर्क पड़ने वाला है। मुझे इलाके की जनता बेहतर जानती है क्योंकि मैं उनके बीच का आदमी हूं।”
सबसे महत्वपूर्ण सीट
छत्तीसगढ़ में लोकसभा की 11 सीटों में महासमुंद लोकसभा की सीट पर राज्य भर की निगाहें टिकी हुई है। इस सीट पर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी चुनाव लड़ रहे हैं और अब तक छत्तीसगढ़ बनने के बाद अजीत जोगी का जो चुनावी रिकॉर्ड रहा है, उसमें माना जा रहा है कि उनका पलड़ा मजबूत है।
2004 के लोकसभा चुनाव में इस इलाक़े की सात विधानसभा सीटों पर भाजपा का कब्जा था। उस समय अजीत जोगी ने तब के भाजपा प्रत्याशी और केंद्रीय मंत्री रहे विद्याचरण शुक्ल को एक लाख वोटों से हराया था।
अजीत जोगी 2009 तक इसी सीट से सांसद थे। बाद में इस सीट से अजीत जोगी ने चुनाव नहीं लड़ा और भाजपा के चंदूलाल साहू 2009 में जीत कर सांसद बने।
भाजपा लगा रही है पूरी ताकत
अजीत जोगी एक बार फिर से यहां भारतीय जनता पार्टी के सामने खड़े हैं और भाजपा अपनी इस सीट को बचाने के लिए पूरी ताकत लगा रही है।
राजनांदगांव में मुख्यमंत्री रमन सिंह के बेटे अभिषेक सिंह के चुनावी अभियान के बाद भाजपा अगर किसी सीट पर सर्वाधिक सक्रिय है, तो वह महासमुंद लोकसभा क्षेत्र है। भाजपा प्रवक्ता शिवरतन शर्मा का कहना है कि भाजपा इस बार अजीत जोगी को हराएगी और उनके रिकॉर्ड को भी तोड़ेगी।
शर्मा कहते हैं, “विधानसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस हड़बड़ाई हुई है। एक साथ इतने चंदू साहू को उतारने के पीछे कांग्रेस का हाथ है लेकिन मतदाता नरेंद्र मोदी को जानता है, रमन सिंह को जानता है और कमल छाप को तो जानता ही है।”
कांग्रेस और भाजपा की 'चंदू' जंग
कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार और पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी इससे अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। उनका कहना है कि वह चुनाव प्रचार के लिए इलाके में हैं और उन्हें इस बारे में कोई खबर नहीं है कि चुनाव मैदान में कौन-कौन है।
वहीं कांग्रेस के प्रवक्ता शैलेष नितिन त्रिवेदी भाजपा के आरोप को लेकर नाराज नजर आते हैं। वे कहते हैं, "क्या भाजपा ने अगर किसी चंदूलाल साहू को अपना उम्मीदवार बनाया है तो इससे चंदूलाल साहू नामक किसी दूसरे व्यक्ति के चुनाव लड़ने का अधिकार खत्म हो जाता है? यह एक स्तरहीन सोच है और आपत्तिजनक भी।”
भाजपा और कांग्रेस प्रवक्ताओं के दावे से अलग यह बात तो तय है कि महासमुंद के किसी मतदाता से चंदूलाल साहू को लेकर सवाल पूछे जाने पर उसका उत्तर सवालिया अंदाज़ में ही होगा-“कौन चंदू?”