बकरियां बेचकर अपने घर में शौचालय बनवाने वाली कुंवर बाई का शुक्रवार को 106 साल की उम्र में निधन हो गया। छत्तीसगढ़ की रहने वाली कुंवर बाई राज्य में स्वच्छ भारत मिशन की स्वच्छता दूत थीं। वह काफी लंबे समय से बीमार थीं।
बकरियां बेचकर शौचालय बनवाने वाली कुंवर बाई तब चर्चा में आई थीं जब प्रधानमंत्री ने उनकी सराहना की थी। पीएम मोदी ने कुंवर बाई को सम्मानित करते हुए उनसे आशीर्वाद भी लिया था।
एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि बृहस्पतिवार को उन्हें रायपुर के डॉ. भीम राव अंबेडकर मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह उम्र संबंधी बीमारियों से पीड़ित थीं। वह धमतरी की रहने वाली थीं।
स्वच्छ भारत मिशन से प्रभावित होकर गांव में स्वच्छता अभियान के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया था। छत्तीसगढ़ सरकार ने कुंवर बाई को स्वच्छता के लिए राज्य का ब्रांड एम्बेसडर घोषित किया था।
मुख्यमंत्री रमन सिंह ने उनकी मौत पर दुख जताया है। कुंवर बाई के निधन के बाद मुख्यमंत्री रमन सिंह ने उनके परिवार के प्रति संवेदनाएं प्रकट की हैं। उन्होंने कहा कि कुंवर बाई की भरपाई कोई नहीं कर सकेगा, उन्होंने स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए एक अनोखा उदाहरण प्रस्तुत किया था।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कुंवर बाई ने न सिर्फ अपने घर में शौचालय का निर्माण किया था बल्कि गांव के दूसरे लोगों को शौचालय बनवाने के लिए प्रोत्साहित किया था। कुंवर बाई के प्रयास का असर उनके गांव में देखने को मिला। धमतरी जिले के अंतर्गत आने वाले कोटाभर्री गांव के बरारी ग्राम पंचायत में अब तक 18 घरों में शौचालय बन चुके हैं। और उनका गांव खुले में शौचमुक्त यानि कि ओडीएफ घोषित हो चुका है।