फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सक्ती: 102 परिवारों की कराई घर वापसी, चरण पखारकर अभिनंदन

Sat, 17 Oct 2026 01:20 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, सक्ती

सार

श्रीमद् देवी भागवत कथा के मंच से 102 परिवारों की सनातन धर्म में घर वापसी कराई गई। अखिल भारतीय घर वापसी अभियान के प्रमुख प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने इन सभी परिवारों के सदस्यों के चरण पखारकर उनका सनातन धर्म में औपचारिक स्वागत किया। 
विज्ञापन
102 परिवारों की कराई घर वापसी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सक्ती जिले के जैजैपुर जनपद क्षेत्र के गलगलाडीह में श्रीमद् देवी भागवत कथा के मंच से 102 परिवारों की सनातन धर्म में घर वापसी कराई गई। अखिल भारतीय घर वापसी अभियान के प्रमुख और भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने इन सभी परिवारों के सदस्यों के चरण पखारकर उनका सनातन धर्म में औपचारिक स्वागत किया। कार्यक्रम का आयोजन धर्म जागरण समन्वय, धर्म सेना, सेवा न्याय उत्थान फाउंडेशन और दिलीप सिंह जूदेव फाउंडेशन की ओर से संयुक्त रूप से किया गया था। इस दौरान धर्म सेना के कार्यकर्ताओं की ओर से ‘जय श्रीराम’ के जोरदार जयघोष के साथ एक विशाल बाइक रैली भी निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं, स्थानीय ग्रामीण और सनातन समाज के विभिन्न प्रतिनिधि शामिल हुए।
विज्ञापन


समाज की वास्तविक पहचान सबसे बड़ी ताकत
गलगलाडीह में श्रीमद् देवी भागवत कथा के मंच पर आयोजित इस घर वापसी समारोह में प्रबल प्रताप ने सनातन धर्म में लौटने वाले 102 परिवारों के लोगों के पांव धोकर उनका सम्मान किया। मंच से लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने स्वर्गीय कुमार दिलीप सिंह जूदेव के संकल्पों का स्मरण कराया। उन्होंने कहा कि अपनी संस्कृति, परंपराओं और मौलिक जड़ों से निरंतर जुड़े रहना ही समाज की वास्तविक पहचान और उसकी सबसे बड़ी ताकत है। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कतिपय तत्वों द्वारा सेवा कार्य की आड़ में भोले-भाले लोगों को प्रभावित करके उनकी धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को बदलने का प्रयास किया जाता है।

धर्मांतरण के खिलाफ सजगता की अपील
प्रबल प्रताप ने सक्ती जिले के निवासियों से धर्मांतरण की गतिविधियों के प्रति पूर्ण रूप से सजग रहने की अपील की। उन्होंने आम लोगों का आह्वान करते हुए कहा कि अपनी आस्था, संस्कृति और सदियों पुरानी परंपराओं की रक्षा के लिए सभी को जागरूक और संगठित रहने की आवश्यकता है। उन्होंने विशेष रूप से मातृशक्ति से अपील की कि सनातन धर्म, संस्कृति और सामाजिक समरसता की रक्षा करने के लिए महिलाओं को एक साथ आकर एकजुट होना पड़ेगा। उन्होंने सभी उपस्थित लोगों से सक्ती जिले को पूरी तरह से धर्मांतरण-मुक्त जिला बनाने का दृढ़ संकल्प लेने का भी आग्रह किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें