डीडी नगर इलाके में सुपरवाइजर से 10.26 लाख रुपये की लूट की गुत्थी सुलझाते हुए रायपुर पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले के मास्टरमाइंड गौरव तिवारी और उसके साथी आशीष पाण्डेय उर्फ गोलू को गिरफ्तार किया है।
राजधानी रायपुर के डीडी नगर इलाके में सुपरवाइजर से 10.26 लाख रुपये की लूट की गुत्थी सुलझाते हुए रायपुर पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले के मास्टरमाइंड गौरव तिवारी और उसके साथी आशीष पाण्डेय उर्फ गोलू को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 7 लाख रुपये नकद और वारदात में इस्तेमाल एक्टिवा जब्त की गई है।
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पुलिस के मुताबिक 6 जून को बालाजी रोलिंग मिल के सुपरवाइजर श्रवण साहू कंपनी की उधारी राशि लेकर डंगनिया बाजार पहुंचे थे। इसी दौरान बाइक सवार तीन बदमाशों ने उन्हें धक्का देकर बैग छीन लिया और फरार हो गए। बैग में 10.26 लाख रुपये नकद समेत बैंक दस्तावेज मौजूद थे।
घटना की गंभीरता को देखते हुए एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और डीडी नगर थाना पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तकनीकी विश्लेषण किया और कर्मचारियों से पूछताछ के बाद आरोपियों की पहचान की। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी गौरव तिवारी पहले संबंधित कंपनी में भुगतान संबंधी काम से आता-जाता था। इसी दौरान उसे कंपनी से बड़ी रकम के आवागमन की जानकारी मिली। उसने अपने चार साथियों के साथ मिलकर लूट की साजिश रची और करीब डेढ़ महीने तक कार्यालय और कर्मचारियों की गतिविधियों पर नजर रखी।
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वारदात के दिन आरोपियों ने कार्यालय से निकलने के बाद सुपरवाइजर का पीछा किया और मौका मिलते ही लूट को अंजाम देकर फरार हो गए। घटना के बाद आरोपी अलग-अलग राज्यों में ठिकाने बदलते रहे। पुलिस ने लगातार 72 घंटे तक मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली में दबिश देकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में गौरव तिवारी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया और आशीष पाण्डेय भदोही का रहने वाला है। दोनों रायपुर में रहकर कारोबार कर रहे थे। गौरव पहले क्रिकेट सट्टा मामले में जेल भी जा चुका है। फिलहाल मामले में शामिल तीन अन्य आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।