एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह
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राजधानी रायपुर के वीआईपी रोड पर गश्त के दौरान साढ़े 10 लाख रुपये नकद बरामद होने के मामले में लापरवाही बरतने पर माना थाना प्रभारी यमन देवांगन को लाइन अटैच कर दिया गया है। साथ ही चेकिंग टीम में शामिल तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित करते हुए उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि यह कार्रवाई 4 और 5 अगस्त की दरम्यानी रात सामने आई, जब माना थाना की पेट्रोलिंग टीम ने वीआईपी रोड पर चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति की गाड़ी से 10.5 लाख रुपये नकद जब्त किए थे।
सूत्रों के अनुसार, मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों – एक हवलदार और दो अन्य – ने व्यक्ति को कहा कि वह अगली सुबह थाने आकर पैसे वापस ले सकता है। अगले दिन जब वह व्यक्ति थाने पहुंचा, तो बिना किसी वैधानिक कार्रवाई या पूछताछ के कैश उसे लौटा दिया गया। अहम बात यह रही कि इतनी बड़ी राशि मिलने के बावजूद इस मामले को थाने के रोजनामचा (डेली डायरी) में दर्ज नहीं किया गया, जो पुलिस मैन्युअल के स्पष्ट उल्लंघन में आता है।
इन पर गिरी गाज
- माना थाना प्रभारी यमन देवांगन– लाइन अटैच
- प्रधान रक्षक रमेश राठौर, आरक्षक हेमंत राठौर, आरक्षक शिव निराला– निलंबित
- विभागीय जांच के आदेश जारी
एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि पुलिस की जवाबदेही और पारदर्शिता सर्वोपरि है। इस तरह के मामलों में लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि नियमों के अनुसार कार्रवाई न करने, रोजनामचा में दर्ज नहीं करने और नकद राशि लौटाने जैसी गंभीर लापरवाही के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए हैं। पुलिस विभाग द्वारा गठित जांच टीम अब यह पता लगाएगी कि इतनी बड़ी नकदी कहां से आई, किस प्रयोजन से लाई जा रही थी, और इसे बिना जांच के क्यों लौटाया गया। सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल और थाने में प्रवेश-निकास की जानकारी भी जांच का हिस्सा होगी।