चंडीगढ़। चंडीगढ़ के रामदरबार फेज-2 में मंगलवार देर रात 23 वर्षीय युवक ऋषि की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी दरअसल ऋषि के दोस्त वंश माड़ीवाला को मारने आए थे लेकिन वह नहीं मिला। आरोपियों ने वंश के बारे में पूछने पर ऋषि से बहस की और उस पर ताबड़तोड़ चाकू से वार कर मौत के घाट उतार दिया।
सेक्टर-31 थाना पुलिस ने बुधवार रात रामदरबार फेज-1 के रहने वाले पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें दीपू और कल्लू मुख्य आरोपी हैं। पुलिस के अनुसार सभी को वीरवार को अदालत में पेश किया जाएगा। थाना प्रभारी राजीव कुमार ने बताया कि मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे पुलिस ने झगड़े के एक पुराने मामले में वंश माड़ीवाला को प्रिवेंटिव एक्शन के तहत गिरफ्तार कर लिया था। बुधवार को उसे एसडीएम कोर्ट में पेश करने के बाद बुड़ैल जेल भेज दिया गया। वंश के खिलाफ पहले से कई आपराधिक केस दर्ज हैं।
पार्क में दोस्तों के साथ बैठा था ऋषि
मंगलवार शाम ऋषि अपने दोस्तों विनय और अंकित के साथ रामदरबार फेज-2 के एक पार्क में बैठा था। इसी बीच वासु, सोनू उर्फ करेला, गुरी, गौतम, कल्लू, दीपू, ननू, सौरव उर्फ बच्ची और उनके कुछ साथी वहां पहुंचे। उन्होंने ऋषि को घेरकर वंश माड़ीवाला के बारे में पूछताछ शुरू की। ऋषि ने जानकारी न होने की बात कही तो आरोपियों ने गाली-गलौच करते हुए चाकू से तीन-चार वार कर दिए। एक वार उसके पेट में भी किया गया। घायल ऋषि को दोस्तों ने सेक्टर-32 अस्पताल पहुंचाया जहां इलाज के दौरान बुधवार तड़के उसने दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि ऋषि अक्सर उसी पार्क में अपने दोस्तों के साथ वॉलीबॉल खेला करता था। आरोपियों को अंदाजा था कि वंश का दोस्त ऋषि वहीं मिलेगा।
वंश हाल ही में आया था जेल से बाहर
पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला कि आरोपियों का असली निशाना वंश माड़ीवाला था जिससे उनकी रंजिश चल रही थी। वंश हाल ही में जेल से बाहर आया था और सोमवार को उसे दोबारा गिरफ्तार किया गया लेकिन आरोपियों को इसकी जानकारी नहीं थी। वे बदला लेने की नीयत से वंश की तलाश में निकले थे और गलती से ऋषि की हत्या कर बैठे।
डेढ़ साल से चल रही थी रंजिश
सूत्रों के मुताबिक वंश माड़ीवाला और आरोपियों के बीच विवाद करीब डेढ़ साल पुराना है। दीपावली के दिन वंश और उसके दोस्तों ने रामदरबार स्थित वाल्मीकि मंदिर के सामने वासु के भाई की पिटाई कर दी थी। तभी से आरोपी बदला लेने की फिराक में थे। करीब डेढ़ साल पहले भी वंश माड़ीवाला ने जीरकपुर में आरोपी सौरव उर्फ बच्ची के ताऊ को पीटा था जिससे दोनों पक्षों के बीच गहरी दुश्मनी चल रही थी।