कैथल। भगत सिंह चौक के पास शराब के ठेके पर कार्यरत 34 वर्षीय कारिंदे की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। परिजनों ने अज्ञात पर हत्या का आरोप लगाया है। वहीं ठेकेदार के दूसरे कारिंदों का कहना है कि जहां वह रहता था। उस मकान का गेट बंद था और इसीलिए घर की छत से गिरकर उसकी मौत हुई होगी।
करोड़ा निवासी योगेश के पिता पालाराम ने बताया कि उसका बेटा दो साल से शराब के ठेकों पर काम कर रहा था। पिछले 20 दिन से वह भगत सिंह चौक के पास बने शराब के ठेके पर काम करता था। एक दिन योगश ठेके पर रहता और एक दिन घर आता।
बुधवार रात उसका ग्यारह बजेे फोन आया और पत्नी से बातचीत हुई। उसने बताया कि वीरवार को वह दो दिन की छुट्टी लेकर घर आएगा। लेकिन सुबह आठ बजे ही उसके साथ काम करने वाले रामपाल ने घर फोन करके बताया कि योगेश को चोट लगी है। यहां आकर देखा तो ठेके की नीचे उनके बेटे का शव पड़ा था।
साथ काम करने वालों का कहना है कि गिरने से उसकी मौत हुई है, जबकि शव को देखकर ऐसा नहीं लगता है। योगेश की शादी साल 2001 मेें हुई और उसके दो छह साल व ग्यारह साल के बेटे हैं। परिजनों ने अपनी शिकायत में हत्या का आरोप लगाया है।
रात बारह बजे सो गया था योगेश : साथी
योगेश के साथ काम करने वाले कसान वासी रामपाल ने बताया कि रात को ठेका बंद करके वे सोने की तैयारी कर रहे थे तो योगेश ने घर पर फोन किया और मुझे बताया कि वह दो दिन की छुट्टी लेकर घर जा रहा है। दादा बीमार हैैं और वे किसी दूसरे की बात नहीं सुनते इसलिए मैं ही उन्हें दवाई दिलवाकर लाउंगा। पत्नी की तबीयत ठीक नहीं हैै, इसलिए अगले दिन उसे भी दवाई दिलवानी है।
सुबह साढे़ चार बजे उठकर ठेके के कागज भी तैयार करने है। इतनी बात कहकर योगेश रात बारह बजे सो गया। उसके आधे घंटे बाद मुझे भी नींद आ गई। मैं सुबह उठा तो योगेश कमरे में नहीं था। बालकनी से नीचे देखा तो वह नीचे पड़ा था। दौड़कर ठेके का दरवाजा खोला तो योगेश की मौत हो चुकी थी। मुझेे नहीं पता यह कब और कैसे हुआ। पता चला है कि एक चाय वाले ने शटर बजाकर मुझे उठाने का प्रयास किया। कमरे में पंखा चल रहा था शायद इसलिए मैं उसकी आवाज नहीं सुन पाया।
पिता ने योगेश की मौत पर उठाए कई सवाल
योगेश केे पिता पालाराम ने कहा कि योगेश के साथ हादसा नहीं हुआ, उसके बेटे हत्या की गई है। गले पर नीले निशान हैं ऐसा लगता है किसी ने उसे गला घोटकर मारा हो। परिजन व अन्य ग्रामीणों ने पुलिस के सामने कई सवाल खडे़ करते हुए कहा कि जिस प्रकार योगेश का शव ठेके की दीवार से सटकर मिला, उससे नहीं लगता कि ऊपर से गिरने की कारण उसकी मौत हुई। बालकनी में परदी बनी है।
अगर वह परदी के ऊपर से गिरता तो शव दीवार के बिल्कुल पास नहीं होता। शव पर खरोंच भी नहीं है। यह कैसे हो सकता है कि कोई 18 फु ट से गिरे और उसे एक भी चोट न आए। शव करवट की मुद्रा में पड़ा था। मानो उसे लिटाया गया हो। ऊपर से गिरने पर मरने से पहले इंसान तड़पता है और यह नहीं हो सकता कि वह करवट के बल गिरे। योगेश की पेंट गीली थी और फोन भी पानी में भीगने से बंद था, जबकि शव के पास कहीं भी पानी नहीं था। योगेश के गले पर नीले निशान थे। जिससे यह लगता है कि उसकी गला घोटकर हत्या की गई है।
डीसएपी का कार्रवाई का आश्वासन
डीएसपी रविंद्र तोमर परिजनों से मिलने सामान्य अस्पताल पहुंचे। उन्होंने परिजनों को उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया और एसएचओ रामफल गोयत को सीएमओ से बात करके डाक्टरों की कमेटी द्वारा पोस्टमार्टम करवाने के निर्देश दिए हैं।
योगेश के पिता की शिकायत पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही इस बारे में कुछ जा सकता है।
रामफल गोयत, सिटी थाना प्रभारी।