चंडीगढ़। नाबालिग के अपहरण व दुष्कर्म के मामले में जिला अदालत ने आरोपी संतोष कुमार को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। दो साल पहले दिसंबर 2021 में मौलीजागरां थाना पुलिस ने उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 363, 366 व 376 और पॉक्सो एक्ट की धारा-6 के तहत केस दर्ज किया था।
संतोष के वकील जसबीर सिंह डडवाल ने बताया कि नाबालिग ने अदालत में साफ तौर से कहा कि वह अपनी मर्जी से संतोष के साथ गई थी। उनके मुवक्किल को झूठे केस में फंसाया गया है। अदालत ने सामने आए तथ्यों, बयान व दलीलों को सुनने के बाद आरोपी युवक को बरी कर दिया। बता दें कि मौलीजागरां थाना पुलिस को दी शिकायत में नाबालिग के पिता ने बताया था कि उनके तीन बच्चे हैं। वारदात वाले दिन 11वीं में पढ़ने वाली उनकी 17 वर्षीय बेटी घर से सहेली के पास जाने की बात कहकर निकली थी लेकिन शाम तक घर नहीं लौटी। पिता की शिकायत पर केस दर्ज कर पुलिस ने 11 जनवरी 2022 को संतोष को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से नाबालिग को बरामद किया था।