चंडीगढ़। एक नाबालिग से दो साल पहले हुए दुष्कर्म के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 23 वर्षीय आरोपी को बरी कर दिया। बरी होने वाले युवक की पहचान रविंद्र सिंह उर्फ रवि के रूप में हुई है। आरोप को अभियोजन पक्ष अदालत में साबित नहीं कर सका। आरोप के मुताबिक, 21 जनवरी 2021 को आरोपी युवक से शिकायतकर्ता की मुलाकात पंजाब से चंडीगढ़ की यात्रा के दौरान एक बस में हुई थी। चंडीगढ़ सेक्टर-43 बस स्टैंड पर पहुंचने पर आरोपी युवक नाबालिग लड़की को एक होटल में ले गया और वहां उसने उसके साथ दुष्कर्म किया। मामले में सेक्टर-36 थाना पुलिस ने नाबालिग की शिकायत पर आरोपी युवक के खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट समेत अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज कर गिरफ्तर किया था। केस की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील चंदन शर्मा की ओर से दलील दी गई कि उनके मुवक्किल को केस में झूंठा फंसाया गया है। यहां तक शिकायतकर्ता आरोपी की पहचानने में भी विफल रही। मामले में सामने आए तथ्यों और बयानों के अधार पर अदालत ने आरोपी को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया।