फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हादसे में मौत, परिवार को 51.25 लाख का मुआवजा

Tue, 29 Sep 2015 05:25 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन
जुलाई 2014 में हुए सड़क हादसे में युवक की मौत पर मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल (एमएसीटी) के पीठासीन अधिकारी जेएस सिद्धू ने मृतक के परिवार के लिए 51 लाख 25 हजार रुपये का मुआवजा मंजूर किया है।
विज्ञापन


इंदिरा कॉलोनी निवासी 31 वर्षीय प्रशांत गोराई की मौत ट्रक चालक द्वारा लापरवाही से गाड़ी चलाने के कारण हुई थी। शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से दलील दी गई थी कि हादसे में परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य की मौत हो गई है। उस पर माता-पिता, पत्नी और दो छोटे बच्चों की परवरिश का जिम्मा था।

वहीं उसका छोटा बेटा घटना के वक्त केवल 1 साल का था। ऐसे में दोनों बच्चों के पालन पोषण और पढ़ाई लिखाई पर संकट आ सकता है। इस आधार पर मृतक प्रशांत गोराई की 25 वर्षीय विधवा न्यू इंदिरा कॉलोनी मनीमाजरा निवासी सरबानी गोराई, बेटे शुभम (7), आयुष (1), मां भारती देवी (52) और पिता मानिक गोराई (54) की ओर से अगस्त 2014 में क्लेम का मुकदमा दायर किया गया था।
विज्ञापन


मृतक के परिवार की ओर से मोटर एक्सीडेंट की धारा 166 के तहत एक करोड़ रुपये मुआवजे की अपील की गई थी। प्रतिवादी पक्ष में ट्रक ड्राइवर मोहाली का एल्वा विश्वकर्मा, मालिक गुरचरण सिंह और द न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी शामिल थी।
विज्ञापन

सेक्टर-49-50 की डिवाइडिंग रोड पर हुआ था हादसा

ट्रिब्यूनल ने संबंधित ट्रक चालक, मालिक और इंश्योरेंस कंपनी को आदेश दिए हैं कि मुआवजा राशि पर 7.5 प्रतिशत की दर से ब्याज भी चुकाएं। मुआवजा राशि से 40 प्रतिशत मृतक की पत्नी, 20-20 प्रतिशत दोनों बच्चों व 10-10 प्रतिशत माता-पिता को मिलेगा।

ये है मामला: 22 जुलाई 2014 को सुबह करीब सवा नौ बजे प्रशांत मोटरसाइकिल से न्यू इंदिरा कॉलोनी से मोहाली स्थित आफिस जा रहा था। जैसे ही प्रशांत शिव शक्ति मंदिर के बाद सेक्टर 49/50 की डिवाइडिंग रोड पर पहुंचा तो पंजाब नंबर के ट्रक ने ओवरटेक करने के प्रयास में उसे टक्कर मार दी।

हादसे में प्रशांत को गंभीर चोटें आईं। उसे एक निजी गाड़ी में जीएमसीएच-32 ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस हादसे के बाद सेक्टर-34 थाना पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ लापरवाही से गाड़ी चलाने पर आपराधिक केस दर्ज किया था।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें