नई अदालत में फास्ट्र ट्रैक कोर्ट के तहत कई अहम फैसले हुए। कई मामलों में चार्जशीट दायर की गई। लंबित केसों को जल्द निपटाने के लिए नई जिला अदालत के साथ-साथ 10 नए जजों की नियुक्ति हुई।
2013 में जिला अदालत में आईपीएस से लेकर रिटायर्ड जस्टिस तक पर कार्रवाई हुई। नाबालिग बच्चियों से दुराचार मामले का जल्द निपटारा हुआ।
एनसीबी के पूर्व जोनल डायरेक्टर को 13 साल कैद
हेरोइन तस्करी मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश शालिनी सिंह नागपाल की अदालत ने एनसीबी के पूर्व जोनल डायरेक्टर साजी मोहन को 13 साल की सजा और तीन लाख रुपये जुर्माना लगाया।
साजी के अलावा एनसीबी के पूर्व सुपरिंटेंडेंट बलविंदर कुमार को दस साल की सजा और साजी मोहन के पीएसओ नवीन कुमार और ड्रग तस्कर नसीब चंद को भी अदालत ने दोषी पाते हुए सजा सुनाई थी।
साजी मोहन पर जम्मू से बरामद हेरोइन को बेचने का आरोप था। साजी मोहन को 2009 में मुंबई, एटीएस ने ड्रग्स रखने पर गिरफ्तार किया था।
फास्ट्र ट्रैक के तहत कार्रवाई की
नाबालिग बच्ची से दुराचार मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश शालिनी सिंह नागपाल की अदालत ने राम बहादुर उर्फ वीर बहादुर को फास्ट्र ट्रैक के तहत सजा सुनाई। अदालत ने 17 दिन में सुनवाई पूरी करने के बाद दोषी को सजा सुनाई।
इंस्पेक्टर के हत्यारे को छह महीने में सजा
जिला अदालत ने 07 जून को हुई इंस्पेक्टर सुच्चा सिंह की हत्या मामले की फास्ट्र ट्रैक कोर्ट की तर्ज पर सुनवाई करते हुए बर्खास्त कांस्टेबल बसंत और उसकी प्रेमिका सरिता को छह महीने में उमक्रैद की सजा सुनाई।
अदालत ने यह अहम फैसला 25 दिसंबर को दिया। चंडीगढ़ पुलिस के कांस्टेबल बसंत ने अपनी प्रेमिका को पाने के लिए अप्रैल में उसके पति, सास और बुआ को गोली मारकर फरार हो गया था। 07 जून को बंसत और प्रेमिका सरिता चंडीगढ़ मे इंस्पेक्टर सुच्चा सिंह की हत्या कर फरार हो गए थे।
छह साल बाद सीए के हत्यारों को सजा
सेक्टर-42 की मार्केट में 2007 में हुई सीए राजेश गोयल की हत्या मामले में चार को अदालत ने छह साल बाद उम्रकैद की सजा सुनाई।
मृतक की पत्नी ने इंसाफ पाने के लिए अदालत के चक्कर लगाए। अदालत ने इस मामले में चश्मदीद के बयानों से मुकरने के बाद सीएफएसएल सबूतों के देखते हुए सजा दी।
जम्मू सेक्स स्कैंडल में गवाह मुकरे, पांच आरोपी हुए बरी
मार्च-2006 का चर्चित जम्मू-कश्मीर सेक्स स्कैंडल का केस प्रभावित न हो इसके लिए केस स्थानीय अदालत से चंडीगढ़ जिला अदालत में ट्रांसफर किया गया था।
कई पीड़िताओं के अदालत में मुकरने के बाद पांच आरोपी शक का लाभ पाकर 27 सितंबर को बरी हो गए। इनमें अबसार अहमद, हिलाल अहमद, ऐजाज अहमद, सबीना और उसका पति अब्दुल हामिद बुल्ला शामिल थे।
इनसे पहले दो मंत्री और एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी भी पिछले साल बरी कर दिए गए थे। श्रीनगर में एक अश्लील एमएमएस फैलने से इस सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ हुआ था।
87 साल की उम्र में कानूनी लड़ाई हारा
सेक्टर-34 में किराए के कमरे में जुलाई, 1985 में हुई युवक की संदिग्ध मौत का 27 साल बाद उनके पिता केस हार गए। इस लंबी लड़ाई में रेलवे से रिटायर्ड आल्ला ने अपनी जिंदगी भर की कमाई लगा दी।
अदालत की करीब 2000 पेशियों पर पटियाला से चंडीगढ़ आए। 25 अगस्त को सीबीआई की विशेष अदालत ने आरोपी कोठी मालिक हरदेव, उसकी पत्नी और उनके बेटे को शक का लाभ देते हुए सबूतों के अभाव में बरी कर दिया।
मामले में एक अन्य आरोपी हरदेव का आरोपी बेटा उस समय नाबालिग था। उसका केस जुवेनाइल कोर्ट में केस चल रहा है।
22 हजार करोड़ की संपत्ति के फैसले से भी नहीं रुका विवाद
फरीदकोट के महाराजा हरिंद्रर सिंह बराड़ की 22 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति के सालों पुराने विवाद को निपटाने के लिए 25 जुलाई को सीजेएम कोर्ट ने फैसला सुनाया।
मैजिस्ट्रेट ने राजा की 1982 की वसीयत को फर्जी करार देते हुए उनकी दो बेटियों को हजारों करोड़ की संपत्ति का उत्तराधिकारी बताया।
फैसले को संपत्ति की देखरेख करने वाली महरावल खेवाजी ट्रस्ट ने जिला अदालत में चुनौती दी। महाराजा के छोटे भाई के बेटे भरतइंद्र ने संपति पर अपना दावा ठोका। यह मामला अभी विचाराधीन है।
रिटायर्ड जस्टिस निर्मल यादव पर आरोप तय के आदेश
जज नोट कांड मामले में सीबीआई जज विमल कुमार ने 2008 के मामल में रिटायर्ड जस्टिस निर्मल यादव, होटलियर रविंद्र भसीन, वकील संजीव बंसल, प्रॉपर्टी डीलर राजीव गुप्ता और निर्मल सिंह पर आरोप तय के आदेश दिए।
आरोप तय होने से बचने के लिए जस्टिस निर्मल यादव पहले पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट गईं। वहां से अर्जी खारिज होने पर सुप्रीम कोर्ट में पहुंची। मामले की सुनवाई 18 जनवरी को होगी।
एसपी देशराज के खिलाफ चार्जशीट
एक लाख रुपये रिश्वत मामले में फंसे निलंबित आईपीएस देशराज के खिलाफ सीबीआई ने भ्रष्टाचार नियमों के तहत अदालत में चार्जशीट दायर की।
सीबीआई अदालत ने चार्जशीट पर सुनवाई करते हुए आईपीएस देशराज पर भ्रष्टाचार के आरोप तय करके मामले की अगली सुनवाई के आदेश दिए।
अन्य महत्वपूर्ण बिंदु
-जिला अदालत सेक्टर-17 से सेक्टर 43 में ट्रांसफर होकर
-शिक्षा भर्ती घोटाले में सीबीआई (दिल्ली) की ने पूर्व डीपीआई संवतर्क सिंह को क्लीन चीट दी। मामले में हरदेव और जौली के खिलाफ चार्जशीट दायर
-जिला अदालत में राष्ट्रीय स्तर पर लोक अदालत लगाकर हजारों लंबित मामलों का निपटारा किया
-शराबी वाहन चालकों को अदालत ने खड़े होने की सजा दी और एक महीने के लिए लाइसेंस निलंबित किए