हाईकोर्ट द्वारा गेंद प्रदेश सरकार के पाले में डालते हुए मार्च तक आयोग की रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है। लेकिन जाट समाज इतने लंबे समय तक इंतजार नहीं कर सकता। इसलिए जाट समाज सरकार को 2 माह का समय देते हुए साफ कर रहा है कि अगर इस दौरान आंकड़े जुटाकर सरकार ने जाटों को आरक्षण का लाभ नहीं दिलाया तो फिर आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।
यह बात जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने राशलवाला चौक पर भाईचारा रैली को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि सरकार पूर्व में जाटों को खूब बरगला चुकी है लेकिन अब वो झांसे में नहीं आएंगे। मलिक ने कहा कि देशभर के 8 राज्यों में बसे जाट केंद्र में आरक्षण के लिए भी बिगुल बजाएंगें, जिसके लिए शीघ्र ही आंदोलन की घोषणा कर दी जाएगी। कैप्टन अभिमन्यु की कोठी मामले में जेल में बंद युवाओं को रिहाई के लिए बात की जाएगी, अगर फिर भी कैप्टन नहीं माने तो सामाजिक फैसला लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि समाज हर साजिश को नाकाम करने में सक्षम है, इसलिए किसी को इस बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं है।
वहीं उन्होंने कहा कि बिना शिक्षा के समाज की भलाई संभव नहीं है। इसलिए 26 नवंबर को जाट सेवा संघ के द्वारा 35 एकड़ जमीन पर दीनबंधु चौ. छोटूराम प्रतियोगी परीक्षा व कौशल विकास केंद्र की नींव रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस दिन समाज के नेताओं, कलाकारों, खिलाड़ियों, उद्योगपतियों, अधिकारियों, बुद्घिजीवियों, शिक्षाविदों, डॉक्टरों, वकीलों के अलावा देशभर के 200 जिलों में रहने वाले जाटों को न्यौता भेजा गया है।