चंडीगढ़ सेक्टर-26 स्थित बटरफ्लाई पार्क की देखभाल करने वाले माली की बेटी अंजू कुमारी का रूस के मास्को में होने वाले इंटरनेशनल वुशु स्टारर्स 2020 में चयन हुआ है। अंजू को चंडीगढ़ पुलिस की ‘स्वयं’ टीम ट्रेनिंग दे रही है। पहली बार रूस में चयन होने पर अंजू बताती हैं कि वह इससे काफी खुश हैं और उनका सपना टूर्नामेंट से गोल्ड जीतकर परिवार, स्कूल और चंडीगढ़ पुलिस का नाम रोशन कर रूस में भारत का तिरंगा फहराना है।
अंजू कुमारी बताती हैं कि चंडीगढ़ पुलिस का शुक्रिया करना चाहती हूं, जिनकी वजह से मेरा चयन रूस के मास्को शहर में होने वाले इंटरनेशनल वुशु स्टारर्स 2020 में हुआ है। अंजू कुमारी की तीन बहनें और और दो भाई हैं। भाई-बहनों में वह दूसरे नंबर हैं। उनके पिता बालकेतन सिंह सेक्टर-26 स्थित बटरफ्लाई पार्क की देखभाल करते हैं। बचपन से ही अंजू खेल की दुनिया में महारत हासिल करना चाहती है, यही वजह है कि 18 वर्ष की उम्र में उनका चयन इंटरनेशनल वुशु टूर्नामेंट में हुआ है।
अंजू सेक्टर-26 टिंबर मार्केट स्थित सीनियर सेकेंडरी मॉडल स्कूल में ग्यारहवीं की छात्रा हैं। मास्को शहर में होने वाले इंटरनेशनल वुशु स्टारर्स 2020 में चयन होने से परिवार बेहद खुश है, उन्हें यकीन नहीं हो रहा है कि उनकी बेटी अंजू की इंटरनेशनल स्तर पर खेल के लिए चयन हुआ है। खैर अब अंजू इसकी लगातार तैयारी में दिन-रात ट्रेनिंग में जुटी हुई हैं।
24 से 29 तक होगा टूर्नामेंट
इंटरनेशनल वुशु स्टारर्स 2020 में अलग-अलग देश के खिलाड़ियों का चयन हुआ है, जिसमें चंडीगढ़ की तरफ से अंजू कुमारी (अंडर-18) का सेलेक्शन हुआ है। यह टूर्नामेंट 24 से 29 फरवरी तक मास्को शहर में होगा। अंजू 22 फरवरी को रूस के लिए रवाना हो जाएंगी।
शुरू से मेहनती रही है अंजू
चंडीगढ़ पुलिस के स्वयं टीम के कोच संजय बताते हैं कि अंजू जनवरी 2018 से उनके यहां सेल्फ डिफेंस समेत वुशु की ट्रेनिंग ले रही है। यह ट्रेनिंग सेक्टर-26 के स्कूल और पुलिस लाइन में दी गई। शुरू से ही अंजू काफी मेहनती है। वह सुबह और शाम दो-दो घंटे रेगुलर क्लास करती है। उसका चयन इंटरनेशनल वुशु स्टारर्स 2020 में होने से बेहद खुशी की बात है।
नेशनल लेवल पर जीत चुकी है गोल्ड
अंजू कुमारी नेशनल में अलग-अलग गेम में तीन गोल्ड और तीन ब्राउंज जीत चुकी हैं। वह दिन में छह से सात घंटे ट्रेनिंग करती हैं। अब उनका सपना रूस में होने वाले इंटरनेशनल वुशु स्टारर्स 2020 में गोल्ड जीतने का है।
स्वयं टीम स्कूलों और पुलिस लाइन में देती है ट्रेनिंग
चंडीगढ़ की स्वयं टीम शहर के स्कूलों में संपर्क के बच्चों को सेल्फ डिफेंस समेत अन्य गेम की ट्रेनिंग देती है। पिछले दो साल में नेशनल और स्टेट लेवल पर छात्राओं ने सैकड़ों गोल्ड जीते हैं, जबकि यह पहला मौका है, जब इंटरनेशनल लेवल पर किसी का चयन हुआ है।
चंडीगढ़ पुलिस के लिए पहला मौका है, जब किसी बच्ची का इंटरनेशनल लेवल के टूर्नामेंट में चयन हुआ है। इससे पहले नेशनल और स्टेट लेवल पर कई गोल्ड आ चुके हैं।
- चरणजीत सिंह विर्क, डीएसपी