अब आपको अपने शहर में गंदगी, मलबा, डस्टबिन की सफाई के लिए नगर निगम के अधिकारियों और पार्षदों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। सिर्फ इसकी तस्वीर खींचकर स्वच्छता एप पर पोस्ट कर दें। आपकों लोकेशन भी बताने की जरूरत नहीं होगी। इसके अलावा पब्लिक शौचालयों में पानी, बिजली की सुविधा के साथ-साथ सफाई की समस्या का समाधान भी ऐप पर तस्वीरें पोस्ट कर करवाएं।
स्वच्छता एप को डाउनलोड कर और अपनी समस्याएं बताकर आप स्वच्छ सर्वेक्षण 2018 में भागीदारी कर सकते हैं। एप पर तस्वीर पोस्ट करने के 24 घंटे के भीतर समस्या दूर हो जाएगी। समस्या दूर होने के बाद संतुष्ट एवं असंतुष्ट होने का फीडबैक भी दे सकते हैं। इस समय 8500 शहरवासियों ने एप को डाउनलोड किया है। नगर निगम के अनुसार एप पर प्रतिदिन 100 से 150 शिकायतें आ रही हैं।
नगर निगम ने 25 हजार लोगों को एप डाउनलोड करवाने का टारगेट रखा है। एप डाउनलोड करने में देश भर में चंडीगढ़ का 8वां स्थान है, जबकि जनवरी तक सर्वेक्षण में एप डाउनलोड की संख्या और राय शामिल होगी। नगर निगम के अनुसार अगर 25 हजार लोग एप डाउनलोड कर लेते हैं तो फीडबैक की कैटेगरी में नगर निगम नंबर-1 पर पहुंच जाएगा।
कमिश्नर जितेंद्र यादव, अतिरिक्त कमिश्नर सौरभ मिश्रा सहित कई अधिकारी कालेज और भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाकर एप डाउनलोड करवा रहे हैं। इसका एक बड़ा कारण यह भी है कि पिछली बार स्वच्छ सर्वेक्षण के दौरान शहरवासियों की फीडबैक न आने के कारण शहर की रैकिंग दूसरे से गिरकर 11 वें नंबर पर पहुंच गई। इस बार ज्यादा से ज्यादा लोगों की भागीदारी इस एप के माध्यम से बढ़ाई जा रही है। पिछले स्वच्छ सर्वेक्षण में शहरवासियों के फीडबैक में 600 में से 327 नंबर आए थे। इस एप पर किसी दूसरे की पोस्ट पर आप वोट कर शामिल हो सकते हैं।