पीजीआई के न्यूरोलॉजी विभाग ने सेक्टर-26 पुलिस लाइन में स्टॉप ब्रेन स्ट्रोक कार्यशाला का आयोजन किया।
डॉ. धीरज खुराना ने पुलिस कर्मचारियों को बताया कि जो मधुमेह, उच्च रक्तचाप एवं मोटापे से ग्रस्त मरीज हैं उन्हें स्ट्रोक होने की संभावना होती है।
यह रोग उच्च रक्तचाप के कारण ज्यादा होता है। यह रोग अब युवाओं को भी होने लगा है। उन्होंने बताया कि बाजू का काम करना बंद करना, आवाज में परिवर्तन, मुंह का टेढ़ापन, होने के साथ आंखों की रोशनी धूमिल होना आदि ब्रेन स्ट्रोक के लक्षण हैं।
इस रोग के होने पर मरीज को तीन घंटे के भीतर अस्पताल में ले जाना अनिवार्य होता है। तत्काल उपचार कर मरीज को बचाया जा सकता है।
उन्होंने पुलिस अस्पताल के चिकित्सकों को भी प्रशिक्षण दिया कि किस प्रकार ऐसे मरीजों का पता लगाया जा सकता है। इस कार्यशाला में 300 के करीब पुलिस के कर्मचारियों और उनके परिजनों ने हिस्सा लिया।
इस मौके पर डीएसपी लाइन सुमन कुमार भी मौजूद थे।