चंडीगढ़। सेक्टर-43 स्थित जिला अदालत में सोमवार को वकीलों ने पूर्व सेक्रेटरी नीरज हंस (41) की मौत के मामले में पुलिस की ओर से आरोपी की गिरफ्तारी न करने पर काम सस्पेंड रखा। इसके चलते सोमवार को अदालत में कई सिविल और क्रिमिनल केसों की सुनवाई टाल दी गई। वहीं, कई लोग अपने केसों की अगली तारीखें लेते दिखे। जानकारी के मुताबिक नीरज हंस की मौत की जांच सेक्टर-36 थाना पुलिस से लेकर क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है। वकीलों का कहना है कि अगर पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की तो मंगलवार को भी वे काम सस्पेंड रखेंगे। अक्तूबर महीने के दो हफ्तों में ही यह तीसरी बार वकीलों की ओर से काम सस्पेंड किया जा रहा है। इस घटना में 8 अक्तूबर को बार के पूर्व प्रेजिडेंट रविंदर सिंह उर्फ जॉली समेत एडवाेकेट गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपा व एक एडवोकेट सतीश मोर पर गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज हुआ था। वहीं, जॉली की शिकायत पर भी महिला वकील व एडवोकेट नवदीप संधू पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने व तीसरी एफआईआर महिला वकील की शिकायत पर जॉली के खिलाफ महिला की आबरू भंग करने के लिए आपराधिक बल का प्रयोग करने की धारा में दर्ज हुआ है। इसके चलते बार के प्रधान से वकीलों ने 15 अक्तूबर को सुबह 11:30 बजे आपातकालीन जनरल हाउस मीटिंग बुलाए जाने की मांग की है। साथ ही बार के हर सदस्य को इसमें पहुंच अपनी बात रखने की अपील की गई है।