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एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता, अगला निशाना पेरिस ओलंपिक : तेजिंदर सिंह तूर

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चंडीगढ़। मैदान पर जब भी खिलाड़ी उतरता है तो चोट की संभावनाएं बनी रहती हैं। उस हालात में हमें घबराना नहीं चाहिए बल्कि उस परिस्थिति का डटकर सामना करते हुए आगे बढ़ना चाहिए। यह कहना है एशियन गेम्स में गोला फेंक के स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ी तेजिंदर सिंह तूर का। वह शनिवार को पीयू में आयोजित दो दिवसीय वार्षिक एथलीट में मीट में खिलाड़ियों में जोश भरने के लिए उपस्थित थे। तूर पंजाब यूनिवर्सिटी से ही पढ़े हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने में कामयाब रहे। एथलीट मीट में तूर खिलाड़ियों के बीच रहे। उन्होंने मार्च पास्ट में खिलाड़ियों को सलामी दी। मुकाबलों के दौरान तालियां बजाकर उन्होंने खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया।एशियन गेम्स में खेलना तय नहीं था
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तेजिंदर सिंह तूर ने खिलाड़ियों से अपनी बात साझा करते हुए कहा कि इस साल जनवरी में मेरी पत्नी बीमार हो गई थी। उनके कुछ ठीक होने से राहत मिली ही थी कि मेरे कंधे में चोट लग गई। इसकी मुझे सर्जरी भी करानी पड़ी। इस वजह से हंगरी में हाेने वाली विश्व चैंपियनशिप को छोड़ना पड़ा। तब मुझे एशियन गेम्स में खेलना भी तय नही लग रहा था। इसके बावजूद हिम्मत नहीं हारी और एशियन गेम्स में खेलने उतरा। वहां भी परेशानी आई। मेरी पहली दो थ्रो फाउल हो गई और लगा में बाहर हो जाऊंगा। लेकिन तीसरी थ्रो ने मुझे पदक दिलवा दिया। इसलिए मेरी खिलाड़ियों को सलाह है कि परेशानियों से घबराएं नहीं, उनका मुकाबला करें।
पेरिस ओलंपिक के लिए तैयारी शुरू
इस मौके पर तेजिंदर सिंह तूर ने कहा कि एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने के बाद में देश के जिस कोने भी गया, मुझे मान और सम्मान मिला। वहीं उन्होंने अपने अगले सफर के बारे में बताते हुए कहा कि अब मेरा अगला लक्ष्य 2024 पेरिस ओलंपिक है। इसके लिए अभी से तैयारियों में जुट गया हूं। तूर ने बताया कि वह इन दिनों पटियाला के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स (एनआईएस) पटियाला में अभ्यास कर रहे हैं।
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