पद्मश्री लोक गायिका मालिनी अवस्थी ने सांस्कृतिक संदर्भों पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस तथ्य पर प्रकाश डाला कि भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को लाखों भव्य माताओं के माध्यम से आगे बढ़ाया गया, जिन्होंने लोक गायन के माध्यम से समाज और मातृभूमि के लिए वीरता, सेवा के मूल्यों को सिखाया।
उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक कथा का प्रभाव बदलना कितना महत्वपूर्ण था, जो हमेशा महिलाओं के खिलाफ रहा है। जब उन्होंने अपना लोक गायन शुरू किया तो आमतौर पर केवल सौंदर्य प्रसाधन, महिलाओं के दर्द और परेशानियों, पुरुषों पर महिलाओं की निर्भरता आदि पर ध्यान केंद्रित करने वाले गाने सुने जाते थे। उन्होंने कई गीतों का खुलासा किया जिसमें महिला सशक्तिकरण और बड़े क्षेत्रों में उनके सक्रिय योगदान की बात की गई थी।
भविष्य में हो सकता है महिला कुलपति हो
वेबिनार के दौरान वीसी प्रो. राजकुमार ने केंद्रीय मंत्री को पीयू की महत्वपूर्ण बातें बताईं। उन्होंने कहा कि उनको जानकार खुशी होगी कि यहां विभागों में अधिकांश महिला चेयरपर्सन हैं। विद्यार्थियों की कुल संख्या में 60 फीसदी हिस्सा छात्राओं का है। इस पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि हो सकता है भविष्य में यहां महिला कुलपति की आवश्यकता हो।
यह कहते ही एक बार तो सभी की आवाज बंद हो गई। हालांकि इससे पहले वीसी प्रो. राजकुमार ने समाज में महिला सशक्तिकरण के बढ़ते स्वरूप पर बात की। उन्होंने कहा कि महिलाएं हमेशा अपने जीवन, परिवारों, समुदायों और समाज को अच्छी तरह से एकीकृत और सुव्यवस्थित रखने के लिए कई जिम्मेदारियों और चुनौतियों का निर्बाध रूप से प्रबंधन करने और प्रभावी ढंग से काम करने में सक्षम हैं। इतिहास विभाग की चेयरपर्सन प्रो. अंजू सूरी ने भी विषय पर प्रकाश डाला। प्रो. रेणु ठाकुर, समन्वयक ने सभी का आभार जताया।